अश्विनी भिड़े ने इतिहास रचा: बनीं बीएमसी की पहली महिला आयुक्त

सीताराम मेवाती
मुंबई की नागरिक प्रशासन व्यवस्था में एक ऐतिहासिक फैसला लेते हुए वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अश्विनी भिडे को बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) का पहला महिला आयुक्त नियुक्त किया गया है। यह निर्णय शहर के प्रशासनिक इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ता है।
वर्ष 1995 बैच की महाराष्ट्र कैडर की आईएएस अधिकारी अश्विनी भिडे अपनी कुशल कार्यशैली, सख्त प्रशासनिक दृष्टिकोण और प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जानी जाती हैं। अपने करियर के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली हैं और राज्य की सबसे सक्षम व परिणामोन्मुख अधिकारियों में अपनी पहचान बनाई है।
इससे पहले वह मुंबई मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन की प्रबंध निदेशक के रूप में कार्यरत थीं, जहां उन्होंने कोलाबा-बांद्रा-सीप्ज को जोड़ने वाली मेट्रो लाइन 3 परियोजना को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई। उनके कार्यकाल में समयबद्धता, पारदर्शिता और जटिल शहरी व पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने पर विशेष ध्यान दिया गया।
विदित हो कि अश्विनी भिडे पहले भी बीएमसी में अतिरिक्त आयुक्त के रूप में काम कर चुकी हैं, जिससे उन्हें मुंबई की नागरिक व्यवस्था का गहरा अनुभव है। इसके अलावा उन्होंने महाराष्ट्र स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन और स्कूल शिक्षा विभाग में भी महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है, जहां उन्होंने आधारभूत ढांचे और नीतिगत सुधारों में योगदान दिया।
उनकी नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब मुंबई बुनियादी ढांचे के विस्तार, कचरा प्रबंधन, मानसून की तैयारियों और सतत शहरी विकास जैसी चुनौतियों का सामना कर रहा है। उनके अनुभव और कार्यशैली को देखते हुए उम्मीद की जा रही है कि वह बीएमसी के कामकाज में नई गति और प्रभावशीलता लाएंगी।



