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दो साल में पहली बार एक्टिव केस 5000 से ऊपर, डॉक्टरों ने कहा इसे हल्के में लेने की न करें भूल

कोरोनावायरस वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बना हुआ है। इन नई लहर में बढ़ते मामले भारत में भी चिंता बढ़ा रहे हैं। 6 जून (शुक्रवार) को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के कोविड डैशबोर्ड पर साझा किए गए आंकड़ों के मुताबिक देश में कुल एक्टिव मामले 5000 का आंकड़ा पार कर गए हैं। गुरुवार को कोविड के कुल सक्रिय मामले 4866 थे जो शुक्रवार को बढ़कर 5364 हो गए हैं। ये बढ़ोतरी पिछले करीब 15 दिनों से लगातार देखी जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मार्च 2023 के बाद पहली बार एक्टिव केस 5000 के ऊपर गए हैं।  पिछले 24 घंटे में 498 नए मामले सामने आए हैं, जबकि 4 लोगों की कोरोना से मौत हुई है, चारों की उम्र 65 से अधिक है। रिकवरी की दर जरूर राहत देने वाली है, पिछले 24 घंटे के भीतर 764 लोग ठीक हुए हैं। स्वास्थ्य  विशेषज्ञ कहते हैं, संक्रमण के बढ़ते मामलों को लेकर घबराने या चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। हालांकि सर्दी जुकाम के साथ सांस लेने में दिक्कत से पीड़ित होने वाले मरीजों को डॉक्टर से मिलकर जांच कराना चाहिए। अधिकतर लोग घर पर रहकर ही ठीक हो जा रहे हैं, इसलिए संक्रमण की स्थिति में भी ज्यादा परेशान होने या अस्पताल भागने की जरूरत नहीं है। कोरोना की इस लहर में देश के लगभग सभी राज्य प्रभावित देखे जा रहे हैं, सरकारी आंकड़ों के मुताबिक फिलहाल दो राज्य- मिजोरम और अरुणाचल प्रदेश ही ऐसे हैं जहां एक भी एक्टिव केस नहीं है। केरल अब भी सबसे अधिक मामलों (1679) वाला राज्य है, इसके बाद गुजरात में 615, पश्चिम बंगाल में 596 और दिल्ली में 592 कोविड के सक्रिय मामले हैं।

उत्तर प्रदेश- कोरोना के नए वेरिएंट से पीड़ित मरीज मिलने के बाद प्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य विभाग में डॉक्टर और कर्मचारियों की छुट्टियां निरस्त कर दी हैं। अपरिहार्य कारणों में ही डॉक्टर और कर्मचारी अवकाश ले सकेंगे। वहीं चिकित्साधीक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि वह अपना क्षेत्र छोड़ने से पहले अधिकारियों को जानकारी देंगे। हिमाचल प्रदेश में कोरोना का दूसरा मामला सामने आया है। नालागढ़  में एक निजी कंपनी में कार्यरत महिला कर्मचारी कोरोना पॉजिटिव पाई गई है। इससे पहले सिरमौर में भी एक को कोरोना का शिकार पाया गया था। बताया जा रहा है कि महिला की कोई ट्रैवल हिस्ट्री नहीं है।  महिला को आइसोलेट कर दिया गया है।

कोरोना से बचाव के लिए उपाय करते रहना जरूरी

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, देश में मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, इसलिए सभी के लिए सुरक्षात्मक सावधानियों का पालन करना जरूरी है, जो आपको सुरक्षित रहने में मदद कर सकते हैं।
क्या करें
  • अपने हाथों को बार-बार साबुन और पानी से धोएं या अल्कोहल-आधारित हैंड रब का इस्तेमाल करें।
  • मास्क पहनें। छींकते-खांसते समय अपनी नाक और मुंह को रूमाल/टिश्यू से ढकें।
  • सामूहिक समारोहों और भीड़-भाड़ वाली जगहों से बचें।
  • अपनी आंखें, नाक और मुंह को छूने से पहले अपने हाथ धोएं।
  • अगर आपको अस्वस्थ महसूस हो तो डॉक्टर को दिखाएं। बुखार, सांस लेने में कठिनाई और खांसी जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न करें।
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क्या न करें
  • दूषित सतहों को छूने से बचें।
  • लक्षणों को नजरअंदाज न करें और डॉक्टर की सलाह लें।
  • किसी भी बीमार व्यक्ति के नजदीक जाने से बचें
  • कोरोना को हल्के में लेने की गलती न करें। आपको संक्रमण भले ही ज्यादा प्रभावित न करे पर आप वायरस का कैरियर जरूर हो सकते हैं जिससे परिवार के अन्य लोगों को संक्रमण का खतरा रहता है।
  • अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

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