केंद्र के 50 लाख कर्मियों, 69 लाख पेंशनरों को DA/DR फ्रीज होने का डर, क्या पश्चिम एशिया संकट का असर?

केंद्र सरकार के 50 लाख कर्मचारी और 69 लाख पेंशनर, एक जनवरी 2026 से महंगाई भत्ते/महंगाई राहत की दरों में बढ़ोतरी होने की राह देख रहे हैं। अमूमन मार्च तक इन भत्तों में वृद्धि होती रही है, लेकिन इस बार अप्रैल में भी उक्त घोषणा नहीं हो सकी। केंद्रीय कर्मियों की नजर, कैबिनेट ब्रीफिंग पर रहती है। वे इसी उम्मीद में होते हैं कि इस बार तो डीए/डीआर में इजाफा होने की खुशखबरी मिलेगी। बुधवार को कैबिनेट ब्रीफिंग तो हुई, मगर महंगाई भत्ते को लेकर कोई घोषणा नहीं की गई। केंद्रीय कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी, सरकार से सवाल कर रहे हैं कि डीए/डीआर की घोषणा टलने के पीछे क्या ‘पश्चिम एशिया संकट’ जिम्मेदार है। सरकारी कर्मियों को अब यह डर सता रहा है कि कोरोनाकाल की तरह कहीं एक बार फिर डीए/डीआर फ्रीज तो नहीं हो जाएगा। ‘कॉन्फेडरेशन ऑफ सेंट्रल गवर्नमेंट एम्प्लाइज एंड वर्कर्स’ ने डीए/डीआर बढ़ोतरी की घोषणा कराने के लिए बुधवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र लिखा है। केंद्र सरकार ने एक जुलाई 2025 से अपने कर्मचारियों और पेंशनरों के महंगाई भत्ते एवं महंगाई राहत में तीन प्रतिशत की बढ़ोतरी की थी। इसके बाद डीए/डीआर की दर 58 पर पहुंच गई थी। अब एक जनवरी 2026 से डीए/डीआर की दरों में बढ़ोतरी होनी है। फिलहाल अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (औद्योगिक श्रमिक) की रिपोर्ट, डीए की दरों में दो से तीन फीसदी की वृद्धि होने के संकेत दे रही है। जुलाई 2025 में सूचकांक 146.5, अगस्त में 147.1, सितंबर में 147.3, अक्टूबर में 147.7, नवंबर में 148.2 और दिसंबर में भी 148.2 पर संकलित हुआ है। ऐसे में महंगाई भत्ते/महंगाई राहत की दर 60 के पार हो सकती है। ‘कॉन्फेडरेशन ऑफ सेंट्रल गवर्नमेंट एम्प्लाइज एंड वर्कर्स’ के महासचिव बीएस यादव ने कहा, अभी तक मार्च में यह घोषणा होती रही है। अप्रैल के पहले सप्ताह में तीन माह का एरियर मिल जाता था। इस बार कर्मचारियों को डर है कि पश्चिम एशिया संकट के चलते कहीं केंद्र सरकार डीए/डीआर बढ़ोतरी को रोकने का मन तो नहीं बना रही।



