भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष नितिन नवीन ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के खिलाफ की गई ‘जहरीला सांप’ वाली टिप्पणी की कड़ी आलोचना की है। नवीन ने कहा कि खरगे के ये बयान सांप्रदायिक आधार पर लोगों को भड़काने के उद्देश्य से दिए गए हैं और यह उनकी ओछी मानसिकता को दर्शाता है। एक साक्षात्कार में नितिन नवीन ने असम में एक रैली के दौरान केरल और गुजरात के लोगों की तुलना करने को लेकर भी खरगे पर निशाना साधा। उन्होंने खरगे के इन विवादास्पद बयानों के लिए गांधी परिवार को भी जिम्मेदार ठहराया। नितिन नवीन ने कहा ‘ये टिप्पणियां पूरी तरह से सांप्रदायिक आधार पर लोगों को भड़काने के उद्देश्य से की गई हैं। इस तरह से लोगों को उकसाने वाली ओछी मानसिकता क्या है? और राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर वे जिस तरह की बातें कर रहे हैं। मुझे लगता है कि राहुल गांधीजी उन्हें समझाते होंगे।’ उन्होंने आगे कहा कांग्रेस की यह परंपरा रही है कि वे ऐसे शब्दों का प्रयोग करते हैं जिनका समाज पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। हालांकि, मेरा मानना है कि जब भी कांग्रेस ने ऐसी भाषा का इस्तेमाल किया है, जनता ने हमें जीत के हार से पुरस्कृत किया है। एक प्रश्न का उत्तर देते हुए भाजपा प्रमुख ने कहा आप समझ सकते हैं ‘गुरु कौन है और चेला कौन।’ “राहुल, सोनिया गांधी और उनका परिवार एक व्यक्ति को रिमोट कंट्रोल से चलाता है। उन्हें सिस्टम के अनुसार बोलने की अनुमति है। खरगे जी एक सभ्य व्यक्ति हैं; उन्होंने ऐसे अमर्यादित शब्दों का इस्तेमाल नहीं किया। ये गांधी परिवार के शब्द थे, जो अब खरगेजी के माध्यम से सामने आ रहे हैं।”
असम में दिया था ‘सांप’ वाला बयान
मल्लिकार्जुन खरगे ने असम में एक रैली के दौरान कथित तौर पर कहा था ‘अगर आपके सामने से कोई जहरीला सांप गुजरता है, और अगर आप नमाज पढ़ रहे हों, तो उसे रोककर उस जहरीले सांप को मार डालो, कुरान ने ऐसा कहा है। और मैं भी यही कहूंगा। आरएसएस और भाजपा एक जहरीला सांप हैं। यदि आप उन्हें नहीं मारेंगे, तो आप बचेंगे नहीं।’ इस बयान के बाद असम भाजपा नेताओं ने खरगे के खिलाफ पुलिस शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें कांग्रेस पर मुस्लिम वोटों को आकर्षित करने के लिए तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया गया है।
गुजरात-केरल तुलना पर भी उठाए सवाल
नितिन नवीन ने खरगे की उन टिप्पणियों की भी आलोचना की, जिनमें उन्होंने केरल और गुजरात के लोगों की तुलना की थी। उन्होंने कहा सरदार पटेल और महात्मा गांधी भी उसी गुजरात से थे। आज, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूरे देश को आगे ले जा रहे हैं। तो यह उनकी मूर्खता है। जनता देख रही है कि जब भी वे हारते हैं, तो कभी ईवीएम को दोष देते हैं, तो कभी जनता को। अगर उन्होंने कुछ दोष अपने ऊपर लिया होता, तो वे कुछ नया सीखते। केरल में एक रैली को संबोधित करते हुए, खरगे ने प्रधानमंत्री मोदी और केरल के मुख्यमंत्री पर सत्ता को अपने हाथों में केंद्रित रखने की इच्छा रखने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि भाजपा और सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) के नेताओं को राज्य के लोगों को गुमराह नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा था ‘केरल के लोगों को गुमराह मत करो। वे बहुत चतुर हैं, वे शिक्षित हैं। मोदी जी, विजयन (पिनराई विजयन), आप दोनों गुजरात या अन्य जगहों के निरक्षर लोगों को मूर्ख बना सकते हैं, लेकिन आप केरल के लोगों को मूर्ख नहीं बना सकते।’ भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि गुजरात की साक्षरता दर 82 प्रतिशत है, जो प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में बढ़ी है। क्या आप सिर्फ इसलिए कुछ भी कहेंगे क्योंकि आप प्रधानमंत्री मोदी से नफरत करते हैं? आपको देश से माफी मांगनी चाहिए। भाजपा माफी की मांग करती है। क्या सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी पार्टी अध्यक्ष के बयान से सहमत हैं? यदि राहुल गांधी अच्छी समझ दिखाते हैं, तो उन्हें इस टिप्पणी से खुद को दूर करना चाहिए और पार्टी प्रमुख से माफी मांगने को कहना चाहिए। उन्होंने बिहार और यूपी को भी निरक्षर कहा। क्या आप राष्ट्र को विभाजित करना चाहते हैं? वह कांग्रेस के अध्यक्ष बनने के लायक नहीं हैं।