घर बैठे करें… मल्टीमीडिया और मास कम्युनिकेशन का कोर्स, आईपी कॉलेज के पाठ्यक्रम के आधार पर तैयार

दिल्ली विश्वविद्यालय के कैंपस ऑफ ओपन लर्निंग ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए दूरस्थ माध्यम से मीडिया शिक्षा उपलब्ध कराने की तैयारी की है। इसके तहत स्नातक स्तर पर चार वर्षीय मल्टीमीडिया एंड मास कम्युनिकेशन कोर्स शुरू करने की योजना है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस नए पाठ्यक्रम का खाका तैयार कर इसे लागू करने की प्रक्रिया भी तेज कर दी है। इस आशय का प्रस्ताव डीयू को 15 अप्रैल को होने बाली अकादमिक काउंसिल की बैठक में रखा जाएगा।
मल्टीमीडिया मास
कम्यूनिकेशन के प्रस्तावित कोर्स का ढांच्चा इंद्रप्रस्थ कॉलेज फॉर वुमन (आईपी कॉलेज) में पहले से संचालित मीडिया पाठ्यक्रम को आधार बनाकर तैयार जाएगा। इससे एसओएल के छात्रों को भी नियमित कॉलेजों के समान गुणवत्तापूर्ण पाठ्यक्रम सामग्री मिल सकेगी। इस कोर्स के संबंध में प्रस्ताव को विश्वविद्यालय की अकादमिक काउंसिल की बैठक में प्रस्तुत किया जाएगा। वहां से मंजूरी मिलने के बाद इसे अंतिम स्वीकृति के लिए कार्यकारी परिषद (एक्जीक्यूटिव काउंसिल) के समक्ष रखा जाएगा। कैंपस ऑफ ओपन लर्निंग की निदेशक प्रो. पायल मागो ने बताया कि विश्वविद्यालय का लक्ष्य है कि सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर इस कोर्स को अगले कॉलेजों के समान गुणवत्तापूर्ण पाठ्यक्रम सामग्री मिल सकेगी। इस कोर्स के संबंध में प्रस्ताव को विश्वविद्यालय की अकादमिक काउंसिल की बैठक में प्रस्तुत किया जाएगा। वहां से मंजूरी मिलने के बाद इसे अंतिम स्वीकृति के लिए कार्यकारी परिषद (एक्जीक्यूटिव काउंसिल) के समक्ष रखा जाएगा। कैंपस ऑफ ओपन लर्निंग की निदेशक प्रो. पायल मागो ने बताया कि विश्वविद्यालय का लक्ष्य है कि सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर इस कोर्स को अगले दूरस्थ माध्यम में अभी इग्नू में स्कूल ऑफ जर्नलिज्म एंड न्यू मीडिया स्टडीज के तहत एमए, पीजी डिप्लोमा पर कोर्सेज संचालित किए जाते हैं। वहीं यूजी स्तर पर जर्नलिज्म एंड डिजिटल मीडिया की पढ़ाई होती है।
स्नातकोत्तर स्तर पर एमए अंग्रेजी भी अगले साल से:
एसओएल स्नातकोत्तर स्तर पर भी अपने पाठ्यक्रमों का विस्तार करने जा रहा है। इसके तहत अगले वर्ष से एमए इंग्लिश कार्यक्रम भी शुरू किया जाएगा। इसके लिए भी अकादमिक काउंसिल से मंजूरी ली जाएगी। फिर उसे मंजूरी के लिए कार्यकारी परिषद में लेकर जाया जाएगा। अभी पीजी स्तर के इस कार्यक्रम के लिए भी सेल्फ लर्निंग मेटेरियल तैयार किया जाना है। वर्तमान में एसओएल में एमए हिंदी, एमए इतिहास, एमए राजनीति विज्ञान, एम कॉम व एमए संस्कृत कोर्स चलते हैं।



