‘शिवसेना यूबीटी से अच्छा प्रस्ताव मिलेगा, तभी गठबंधन पर विचार’, मनसे ने पिछले धोखे की दिलाई याद

महाराष्ट्र की राजनीति में बीते दिनों ये चर्चा जोरों पर थी कि शिवसेना यूबीटी और राज ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी मनसे में गठबंधन हो सकता है। अगर ऐसा होता है तो महाराष्ट्र की राजनीति में व्यापक बदलाव हो सकते हैं, लेकिन समय के साथ गठबंधन की गर्मजोशी शायद काफूर हो गई है। मनसे के एक नेता के बयान से ऐसा ही लग रहा है। दरअसल मनसे के नेता संदीप देशपांडे ने गुरुवार को कहा कि राज ठाकरे तभी शिवसेना यूबीटी के साथ गठबंधन पर विचार करेंगे, जब शिवसेना यूबीटी की तरफ से कोई अच्छा और मजबूत प्रस्ताव दिया जाएगा। संदीप देशपांडे ने ये भी कहा कि उनकी पार्टी को पूर्व में कई धोखे मिले हैं, इसलिए अब बेहतर प्रस्ताव मिलने के बाद ही गठबंधन पर विचार किया जाएगा।
इस साल होने हैं स्थानीय चुनाव
बीते महीने राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे दोनों नेताओं ने ही गठबंधन के संकेत दिए थे और कहा था कि वे अपने मतभेद भुलाकर मराठी मानुस के हितों के लिए साथ आने को तैयार हैं। हाल ही में राज ठाकरे ने एक इंटरव्यू के दौरान भी संकेत दिए थे कि वे शिवसेना यूबीटी नेतृत्व से संभावित गठबंधन को लेकर बातचीत के लिए तैयार हैं। महाराष्ट्र में इस साल के अंत में मुंबई, ठाणे, नासिक, नागपुर और पुणे समेत कई अन्य शहरों में नगर पालिका चुनाव होने हैं। यही वजह है कि शिवसेना यूबीटी और मनसे के गठबंधन पर सभी की नजरें हैं।
क्या बोले मनसे नेता संदीप देशपांडे
संदीप देशपांडे ने कहा कि ‘अगर शिवसेना यूबीटी को ऐसा महसूस होता है कि मनसे के साथ गठबंधन संभव है तो उन्हें एक मजबूत और अच्छा प्रस्ताव देना चाहिए। प्रस्ताव मिलने के बाद राज ठाकरे उस पर फैसला लेंगे।’ उन्होंने कहा कि ‘चाहे 2014 हो या 2017, हमने प्रस्ताव भेजा, लेकिन उन्होंने हर बार धोखा दिया। अब अगर वे हमारे साथ गठबंधन चाहते हैं तो उन्होंने राज ठाकरे को इसका प्रस्ताव भेजना होगा और राज ठाकरे उस पर फैसला लेंगे।’ देशपांडे ने कहा कि ‘राज ठाकरे ने ये नहीं कहा है कि गठबंधन होना ही चाहिए। उन्होंने सिर्फ ये कहा है कि अगर शिवसेना यूबीटी इच्छुक है तो फिर उस पर विचार किया जाएगा।’



