बाल ठाकरे के समय एक बार, उद्धव के कार्यकाल में चार बार टूट चुकी शिवसेना

महाराष्ट्र की राजनीति में खुद को बाघ के रूप में पेश करने वाली शिवसेना में टूट का इतिहास बनता जा रहा है। 1966 में शिवसेना के संस्थापक प्रमुख बालासाहेब ठाकरे ने संगठन को मजबूत जनाधार दिया, लेकिन पार्टी में कई बार बड़े विभाजन भी हुए। बाल ठाकरे के समय में जहां शिवसेना में एक बड़ी टूट दर्ज हुई, वहीं उद्धव के नेतृत्व में पार्टी को कई बड़े झटके झेलने पड़े। ताजा मामला शिवसेना (यूबीटी) के 6 सांसदों का विद्रोह है जिससे ठाकरे ब्रांड की साख को एक बार फिर बट्टा लगा हैं। शिवसेना के स्थापना काल के बाद पार्टी में पहली बार 1991 में छगन भुजबल ने 17 विधायकों के साथ पार्टी छोड़ी थी। भुजबल ने बालासाहेब ठाकरे की कार्यशैली और पार्टी में अपनी उपेक्षा का आरोप लगाते हुए बगावत की थी। तब भुजबल ने कांग्रेस का दामन थामा था जो शिवसेना के इतिहास का पहला बड़ा राजनीतिक विद्रोह था। लेकिन, 2003 में उद्धव ठाकरे के शिवसेना के कार्यकारी अध्यक्ष बनने के बाद पार्टी चार बार टूटी।



