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बढ़ते तापमान को लेकर अलर्ट, गंभीर रोगों का बढ़ सकता है खतरा; तेलंगाना सरकार ने लिया ये बड़ा फैसला

देश के ज्यादातर हिस्सों में तापमान तेजी से बढ़ता हुआ देखा जा रहा है। दिल्ली-एनसीआर में पारा अभी से 40 पार करने लगा है। मौसम विभाग के विशेषज्ञों ने पहले से ही अलर्ट किया है कि इस साल की गर्मी कई सारे रिकॉर्ड्स तोड़ सकती है। साल 2025 का फरवरी महीना पहले से ही 125 साल में तीसरा सबसे गर्म फरवरी रहा है। अप्रैल की शुरुआत में ही जिस तरह की गर्मी पड़ रही है उसने विशेषज्ञों की चिंता और भी बढ़ा दी है। हीट स्ट्रोक और गर्मी के कारण होने वाली समस्याओं को देखते हुए कई राज्यों ने अलर्ट जारी कर दिया है। इसी क्रम में तेलंगाना ने विशेष कदम उठाते हुए लू को ‘स्टेट स्पेसिफिक डिजॉस्टर’ घोषित किया है। यह फैसला इसलिए लिया गया है ताकि हीटस्ट्रोक से पीड़ित परिवारों को राहत प्रदान की जा सके। नए सरकारी आदेश के तहत लू हीट स्ट्रोक से मरने वाले लोगों  के परिजनों को 4 लाख रुपए की अनुग्रह राशि प्रदान की जाएगी।
तेलंगाना सरकार ने लिया ये बड़ा फैसला
तेलंगाना सरकार ने जारी आदेश में कहा, “राज्य सरकार ने सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए पीड़ितों के परिवारों को राहत प्रदान करने के उद्देश्य से हीटवेव/सनस्ट्रोक को अब से “राज्य विशेष आपदा” घोषित करने का निर्णय लिया है। हीटवेव सभी लोगों के लिए एक “साइलेंट खतरा” बना हुआ है। विशेष रूप से महिलाओं, बच्चों और वृद्धों सहित आबादी के कमजोर वर्गों में हीटवेव के कारण होने वाली मौतों और गंभीर प्रभावों की कम रिपोर्टिंग की जाती है, ऐसे में इन लोगों को कोई सहायता नहीं मिल पाती है। विशिष्ट अनुग्रह राशि के अभाव में, राज्य अब तक लू के कारण मरने वाले मृतक के परिवार को अपथबंधु योजना के तहत 50,000 रुपये की सहायता प्रदान कर रहा था। दिल्ली-एनसीआर में लू का अलर्ट जारी होने के बाद से ही स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर है। अस्पताल अभी से बीमार लोगों के इलाज की तैयारियों में जुट गए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में पिछले साल तैयार किए गए हीट स्ट्रोक यूनिट को फिर से एक्टिव कर दिया गया है। वहीं, लेडी हार्डिंग में हीट स्ट्रोक यूनिट तैयार किया जा रहा है। दिल्ली सरकार के अस्पतालों में आइस पैक का स्टॉक रखा जाएगा। हीट स्ट्रोक के शिकार मरीजों के शरीर का तापमान तुरंत सामान्य हो सकें, इसके लिए कई व्यवस्थाएं की गई हैं।
हार्ट और किडनी पर पड़ सकता है असर
गर्म मौसम और हीटवेव किसी को भी प्रभावित कर सकता है। जैसे-जैसे आपका शरीर बढ़ते तापमान के कारण गर्म होता जाता है, आपकी रक्त वाहिकाएं फैलने लगती हैं, जिससे रक्तचाप कम हो जाता है। इसके कारण आपके दिल को पूरे शरीर में रक्त का संचार करने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ती है। ये मौसम हृदय के मरीजों के लिए काफी चुनौतीपूर्ण हो सकता है। इसी तरह हीटवेव का आपकी किडनी पर भी नकारात्मक असर हो सकता है, वहीं जिन लोगों को पहले से ही किडनी की दिक्कत है उन्हें और भी सावधान रहना चाहिए। अत्यधिक गर्मी के संपर्क में रहने वाले लोगों में इलेक्ट्रोलाइट्स का असंतुलन, किडनी इंजरी होने या किडनी में पथरी होने का खतरा काफी बढ़ जाता है। हीटवेव के अधिक संपर्क में रहने वालों में मूत्र पथ के संक्रमण (यूटीआई) का भी जोखिम अधिक देखा जाता रहा है।
heatwave alert in india Telangana declares sunstroke as ‘state specific disaster

गर्मी-लू से बचाव के करें उपाय
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, गर्मी के दिनों में हीटस्ट्रोक होने का खतरा काफी बढ़ जाता है। इससे बचे रहने के लिए सबसे जरूरी है धूप के संपर्क में आने से बचना और दिनभर में खूब पानी पीते रहना। लू से बचने और डिहाइड्रेशन के खतरे को कम करने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीना बेहद जरूरी है। गर्मियों में शरीर से पसीने के रूप में बहुत सारा पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स निकल जाते हैं, जिससे शरीर में पानी की कमी हो जाती है। इससे गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। इस कमी को पूरा करने के लिए सभी लोगों को भरपूर मात्रा में पानी पीते रहने की सलाह दी जाती है।
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