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‘विदेशी दबाव में पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई नहीं की’, कांग्रेस पर भड़के भाजपा सांसद पात्रा

भाजपा सांसद संबित पात्रा ने शनिवार को दावा किया कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार ने साल 2008 के मुंबई हमले के बाद विदेशी दबाव में पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई नहीं की थी। भुवनेश्वर में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए भाजपा सांसद ने कहा कि 2014 से पहले भी भारतीय सशस्त्र बल पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई करने में पूरी तरह से सक्षम थे, लेकिन देश के नेतृत्व में राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी थी।

‘अमेरिका के दबाव में सोनिया गांधी ने मनमोहन सिंह को कार्रवाई न करने को कहा होगा’
संबित पात्रा ने आरोप लगाया कि तत्कालीन यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी ने अमेरिकी विदेश मंत्री कोंडोलीजा राइस के दबाव में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से पाकिस्तान के खिलाफ तुरंत कार्रवाई न करने के लिए कहा होगा, जबकि मुंबई हमले में लगभग 160 लोग मारे गए थे। अपने दावे के समर्थन में, संबित पात्रा ने वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी चिदंबरम के एक हालिया इंटरव्यू का हवाला दिया। उन्होंने इंटरव्यू में चिदंबरम के उस कथन का हवाला दिया, जिसमें चिदंबरम ने कहा कि ‘पूरी दुनिया पाकिस्तान के खिलाफ बदले की कार्रवाई को रोकने के लिए नई दिल्ली आई थी।’

‘अमेरिका से सलाह के बाद ही होता था कैबिनेट मंत्रियों का चयन’
संबित पात्रा ने कहा कि चिदंबरम के बयान को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता क्योंकि वे उस समय देश के गृह मंत्री थे। पात्रा ने कहा कि, ‘2014 से पहले भी भारतीय सशस्त्र बलों में वीरता थी और वे सक्षम थे, लेकिन देश के नेतृत्व में राजनीतिक इच्छाशक्ति का अभाव था। 2014 के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हालात बदले क्योंकि देश को एक मजबूत सशस्त्र बल और मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति मिली।’ पात्रा ने यह भी दावा किया कि पूर्व विदेश मंत्री नटवर सिंह ने अपनी आत्मकथा में लिखा है कि यूपीए सरकार अमेरिका से सलाह-मशविरा करने के बाद ही कैबिनेट मंत्रियों का चयन करती थी। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने भी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि, ‘हम सभी जानते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत कैसे मजबूत हुआ है। भारतीय सशस्त्र बलों को पूरी आजादी दी गई और ऑपरेशन सिंदूर में, हमने देखा कि कैसे एक मजबूत संदेश दिया गया। भारत के विपक्ष के नेता चार दिनों से विदेशी दौरे पर हैं और उनका एकमात्र काम भारत को बदनाम करना है। यूपीए सरकार में पी चिदंबरम गृह मंत्री थे, और कल पूर्व मंत्री मनीष तिवारी ने खुलासे किए। यह खुलासा चिंताजनक है, यह हमें डराता है कि एक सरकार जिसे भारत की संप्रभुता की रक्षा करने की संवैधानिक जिम्मेदारी दी गई थी, वह सरकार विदेशी ताकतों के हाथों की कठपुतली बन गई।’

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