‘मेरा टॉप ऊपर उठा तो उसने अपने हाथ…’, अमृता सुभाष ने बताई प्रोड्यूसर की शर्मनाक हरकत

फिल्म और एटरटेनमेंट इंडस्ट्री में कास्टिंग काउच और अभिनेत्रियों के उत्पीड़न को लेकर कई बार आवाजें उठ चुकी हैं। कई अभिनेत्रियां इसको लेकर बात कर चुकी हैं। अब अभिनेत्री अमृता सुभाष ने अपने साथ हुए एक भयानक घटनाक्रम को याद किया है, जिसमें एक प्रोड्यूसर ने उसके साथ कुछ ऐसा किया, जिससे वो काफी परेशान हो गई थीं। साथ ही उन्होंने कहा कि हमें गलत के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए और खड़ा होना चाहिए। चाहें अपराधी कितना भी बड़ा क्यों न हो। जूम के साथ अपनी हालिया बातचीत में अमृता सुभाष ने अपने थिएटर के दिनों के एक घटनाक्रम को याद करते हुए कहा, ‘एक नाटक का प्रोड्यूसर था। मैं कुछ सीढ़ियां चढ़ रही थी, और शायद मेरा टॉप थोड़ा ऊपर उठ गया, मुझे एहसास भी नहीं हुआ। मुझे कुछ महसूस हुआ – मेरी कमर के पास एक हाथ। मैंने पलट कर देखा और वह एक बड़ा निर्माता था। मैंने बस उसे देखा और कहा, तुमने अभी क्या किया? वह क्या था? उसने यह कहते हुए इसे टाल दिया कि कुछ भी नहीं। ऐसा दिखावा करते हुए जैसे कुछ हुआ ही न हो। मैंने कहा कि मुझे पता चला, वह क्या था? उसने कहा कुछ नहीं, तुम्हारा टॉप अभी ऊपर चला गया है। इस पर मैंने कहा कि इससे तुम्हारा कोई लेना-देना नहीं है! तुमने मुझे वहां छूने की हिम्मत कैसे की? तुम ऐसा नहीं कर सकते।”
हर कोई घटना से था हैरान
अभिनेत्री आगे बताया कि इससे हर कोई हैरान था, क्योंकि वो एक बड़ा प्रोड्यूसर था। उन्होंने बताया, “हर कोई मुझसे कह रहा था कि तुम्हारे रोल चले जाएंगे। मैंने कहा भाड़ में जाओ। कोई भी हो तुम मुझे बिना सहमति के कहीं भी नहीं छू सकते। जबकि वह बुजुर्ग था। लेकिन फिर भी मैंने उसे जवाब दिया और विरोध किया।” एक अन्य घटना का जिक्र करते हुए अमृता ने बताया कि इंडस्ट्री से एक सीनियर व्यक्ति ने उनसे इस तरह की हरकत की थी। उन्होंने कहा, “उस व्यक्ति ने मुझसे पूछा कि तुम रात में हमारे साथ शराब पीने क्यों नहीं आती? कई बार ऐसा होने के बाद एक दिन मैं गई। उसका कमरा वहीं था। मैंने दरवाजा खोला और अंदर घुस गई। मुझे पता था कि लोग देख रहे हैं। वह चौंक गया। मैंने उसकी आंखों में देखा और कहा, सर, आप मेरे पिता की उम्र के हैं। आप मुझसे इस तरह क्यों बात कर रहे हैं? आपकी समस्या क्या है मैंने शांति से लेकिन सीधे तौर पर कहा। इसके बाद मैंने उसकी आंखों में मैंने असहजता देखी। मैंने दरवाजा खुला रखा न केवल उसकी खातिर, बल्कि अपनी सेफ्टी के भी लिए। मैं रोजाना यह सुनकर थक गई थी। लोग अजीब तरह से हंस रहे थे, लेकिन मैं ही क्यों अनकम्फर्टेबल महसूस करूं? मैंने उससे कहा कि ऐसा मत करो। इसके बाद मामला शांत हो गया।”



