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फैटी लिवर और प्रोसेस्ड फूड का क्या है कनेक्शन, ये स्टडी पढ़कर सन्न रह जाएंगे आप

आधुनिक जीवनशैली में ‘अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड’ बहुत से लोगों के थाली का अभिन्न हिस्सा बन चुका है। ध्यान देने वाली बात यह है कि बहुत कम लोगों को मालूम है कि प्रोसेस्ड फूड का अधिक सेवन आपके सेहत को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। अगर आप भी उन लोगों में से हैं जिन्हें प्रोसेस्ड फूड का सेवन करते हैं उसके नुकसान नहीं जानते हैं, तो आइए इस लेख एक स्टडी के माध्यम में इसी के बारे में विस्तार से जानते हैं। नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन में छपे एक स्टडी के मुताबिक प्रोसेस्ड फूड और नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज के बीच सीधा और गहरा संबंध है। इस अध्ययन में शोधकर्ताओं ने पाया कि जैसे-जैसे व्यक्ति अपनी डाइट में सोडा, चिप्स, फ्रोजन फूड और पैकेट बंद स्नैक्स की मात्रा बढ़ाता है, उसके लिवर में वसा जमने का जोखिम उसी अनुपात में बढ़ता जाता है। इसे वैज्ञानिक भाषा में ‘डोज-रिस्पॉन्स इफेक्ट’ कहा जाता है।  प्रोसेस्ड फूड में मौजूद अधिक मात्रा में फ्रुक्टोज, ट्रांस फैट और प्रिजर्वेटिव्स लिवर की कोशिकाओं में सूजन पैदा करते हैं, जिससे लिवर अपना सामान्य काम करना बंद कर देता है। यह अध्ययन चेतावनी देता है कि अगर हमने समय रहते इन ‘रेडी-टू-ईट’ खाने वाले चीजों को नहीं छोड़ा तो आने वाले समय में फैटी लिवर एक वैश्विक महामारी का रूप ले सकता है, जिससे सिरोसिस और लिवर फेलियर जैसी जानलेवा स्थितियां पैदा हो सकती हैं।

प्रोसेस्ड फूड कैसे पहुंचाता है लिवर को नुकसान?
प्रोसेस्ड फूड में रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट और शुगर की मात्रा बहुत अधिक होती है, जो शरीर में जाते ही इंसुलिन रेजिस्टेंस पैदा करती है। जब लिवर इतनी भारी मात्रा में शुगर को प्रोसेस नहीं कर पाता, तो वह इसे फैट में बदलकर अपने भीतर जमा करने लगता है। यही जमा फैट धीरे-धीरे सूजन और लिवर टिश्यू को नुकसान पहुंचाने का काम करती है। 
अध्ययन के मुताबिक, इन खाद्य पदार्थों में केवल कैलोरी होती है, पोषण शून्य होता है। इनमें इस्तेमाल होने वाले इमल्सीफायर और कृत्रिम मिठास हमारे गट माइक्रोबायोम (पेट के अच्छे बैक्टीरिया) को नष्ट कर देते हैं। जब पेट का स्वास्थ्य बिगड़ता है, तो वहां से निकलने वाले टॉक्सिन्स सीधे लिवर तक पहुँचते हैं, जिससे लिवर के पुराने रोगों और कैंसर तक का खतरा बढ़ जाता है।

What is the connection between fatty liver and processed food You will be stunned after reading this study
शारीरिक सक्रियता और ताजे भोजन का महत्व
विशेषज्ञों का कहना है कि लिवर को बचाने का एकमात्र तरीका प्रोसेस्ड फूड के बदले ताजा और न्यूनतम प्रोसेस्ड भोजन को अपनाना है। इसके साथ ही शारीरिक सक्रियता यानी एक्सरसाइज लिवर में जमा अतिरिक्त फैट को बर्न करने में मदद करती है। दैनिक दिनचर्या में वॉक, योग या कसरत को शामिल करने से लिवर की कार्यक्षमता में सुधार होता है और बीमारी के लक्षणों में सुधार किया जा सकता है। सार्वजनिक स्वास्थ्य नीतियों में अब डाइट चार्ट में सुधार लाने की सख्त जरूरत है। हमें वैश्विक स्तर पर प्रोसेस्ड फूड की खपत को कम करने और स्थानीय, ताजी सब्जियों व फलों को बढ़ावा देने की आवश्यकता है। अगर आप अपने लिवर को सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो पैकेट खोलने के बजाय फल का छिलका उतारना शुरू करें। ध्यान रखें कि आपका लिवर शरीर का इंजन है, इसे कचरा नहीं, शुद्ध ईंधन दें।
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