Latest newsSports
विश्व चैंपियन बनने के बाद लगातार सातवीं टी20 सीरीज जीतने उतरेगा भारत, पांचवां मैच आज

लखनऊ में चौथा टी20 घने कोहरे के कारण रद्द होने के बाद यह तय हो गया है कि भारतीय टीम दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज हारने नहीं जा रही है। भारत शुक्रवार को होने वाले पांचवें और अंतिम टी20 में सीरीज में 2-1 की बढ़त के साथ उतरेगा। बावजूद इसके भारत के सामने दक्षिण अफ्रीका से यह सीरीज जीतना चुनौती होगा। सच्चाई यह है कि 2024 में टी20 विश्व चैंपियन बनने के बाद से भारत ने टी20 में एक भी सीरीज और टूर्नामेंट नहीं गंवाया है और न ही उसने इस दौरान कोई सीरीज ड्रॉ की है।
भारत का टी20 में दमदार रिकॉर्ड
भारत विश्व चैंपियन बनने के बाद से छह टी20 सीरीज और एशिया कप अपने नाम कर चुका है। ऐसे में उसकी कोशिश लगातार सातवीं टी20 सीरीज जीतने की होगी। भारत 2023 से टी20 में अजेय है। इस दौरान उसने एशियाई खेलों, विश्वकप, एशिया कप का खिताब जीतने के साथ नौ टी20 सीरीज जीती हैं और एक ड्रॉ कराई है। 1-1 से एकमात्र ड्रॉ सीरीज उसने दक्षिण अफ्रीका के साथ 2023-24 में खेली है। यही कारण है कि भारतीय टीम यह सीरीज जीतने के लिए अपना पूरा जोर लगा देगी। वहीं, 2-0 से टेस्ट सीरीज जीतने वाली दक्षिण अफ्रीका इस सीरीज को ड्रॉ कराने के लिए पूरी कोशिश करेगी। इस मुकाबले में निगाहें फिर कप्तान सूर्यकुमार यादव पर होंगी। उनसे उम्मीद की जाएगी कि वह बड़ी पारी खेलकर अपनी खोई फॉर्म को हासिल करें। लखनऊ टी20 से पहले पैर का अंगूठा चोटिल करा बैठे शुभमन गिल के इस मैच में भी खेलने पर संशय है। तीसरे टी20 में नहीं खेलने वाले बुमराह उपलब्ध हैं। टी20 सीरीज नहीं हारना मुख्य कोच गौतम गंभीर के लिए राहत की बात होगी, लेकिन टीम के दो प्रमुख खिलाड़ी सूर्यकुमार यादव और टेस्ट और वनडे कप्तान शुभमन गिल का पिछले कुछ समय से रन बनाने के लिए जूझना जरूर उन्हें चिंतित कर रहा होगा। सूर्यकुमार ने टी20 में इस साल 20 मैचों में 18 पारियों में एक भी अर्धशतक नहीं बनाया। इस दौरान उन्होंने 14.20 के औसत से 213 रन बनाए। तेज गेंदबाजी आक्रमण में अर्शदीप सिंह लय में नजर आ रहे हैं, जबकि हर्षित राणा ने भी अच्छा प्रदर्शन किया है। गिल का छोटे प्रारूप में नहीं चलना भी भारत के लिए अगले साल फरवरी-मार्च में होने वाले टी-20 विश्व कप से पहले चिंता का विषय होगा। वह पिछले मैच में अभ्यास के दौरान चोटिल हो गए थे। अहमदाबाद पहुंच चुके गिल को लेकर भारतीय टीम किसी तरह का जोखिम लेना उचित नहीं समझेगी क्योंकि उसके पास शीर्ष क्रम में संजू सैमसन के रूप में एक अच्छा विकल्प मौजूद है। सैमसन निचले क्रम में बल्लेबाजी के लिए कभी भी सही विकल्प नहीं थे। उन्होंने सलामी बल्लेबाज के रूप में अच्छा प्रदर्शन किया है जबकि मध्यक्रम में वह अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं।
भारत विश्व चैंपियन बनने के बाद से छह टी20 सीरीज और एशिया कप अपने नाम कर चुका है। ऐसे में उसकी कोशिश लगातार सातवीं टी20 सीरीज जीतने की होगी। भारत 2023 से टी20 में अजेय है। इस दौरान उसने एशियाई खेलों, विश्वकप, एशिया कप का खिताब जीतने के साथ नौ टी20 सीरीज जीती हैं और एक ड्रॉ कराई है। 1-1 से एकमात्र ड्रॉ सीरीज उसने दक्षिण अफ्रीका के साथ 2023-24 में खेली है। यही कारण है कि भारतीय टीम यह सीरीज जीतने के लिए अपना पूरा जोर लगा देगी। वहीं, 2-0 से टेस्ट सीरीज जीतने वाली दक्षिण अफ्रीका इस सीरीज को ड्रॉ कराने के लिए पूरी कोशिश करेगी। इस मुकाबले में निगाहें फिर कप्तान सूर्यकुमार यादव पर होंगी। उनसे उम्मीद की जाएगी कि वह बड़ी पारी खेलकर अपनी खोई फॉर्म को हासिल करें। लखनऊ टी20 से पहले पैर का अंगूठा चोटिल करा बैठे शुभमन गिल के इस मैच में भी खेलने पर संशय है। तीसरे टी20 में नहीं खेलने वाले बुमराह उपलब्ध हैं। टी20 सीरीज नहीं हारना मुख्य कोच गौतम गंभीर के लिए राहत की बात होगी, लेकिन टीम के दो प्रमुख खिलाड़ी सूर्यकुमार यादव और टेस्ट और वनडे कप्तान शुभमन गिल का पिछले कुछ समय से रन बनाने के लिए जूझना जरूर उन्हें चिंतित कर रहा होगा। सूर्यकुमार ने टी20 में इस साल 20 मैचों में 18 पारियों में एक भी अर्धशतक नहीं बनाया। इस दौरान उन्होंने 14.20 के औसत से 213 रन बनाए। तेज गेंदबाजी आक्रमण में अर्शदीप सिंह लय में नजर आ रहे हैं, जबकि हर्षित राणा ने भी अच्छा प्रदर्शन किया है। गिल का छोटे प्रारूप में नहीं चलना भी भारत के लिए अगले साल फरवरी-मार्च में होने वाले टी-20 विश्व कप से पहले चिंता का विषय होगा। वह पिछले मैच में अभ्यास के दौरान चोटिल हो गए थे। अहमदाबाद पहुंच चुके गिल को लेकर भारतीय टीम किसी तरह का जोखिम लेना उचित नहीं समझेगी क्योंकि उसके पास शीर्ष क्रम में संजू सैमसन के रूप में एक अच्छा विकल्प मौजूद है। सैमसन निचले क्रम में बल्लेबाजी के लिए कभी भी सही विकल्प नहीं थे। उन्होंने सलामी बल्लेबाज के रूप में अच्छा प्रदर्शन किया है जबकि मध्यक्रम में वह अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं।
दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाजों ने किया है निराश
दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाजों का प्रदर्शन अब तक उतार चढ़ाव वाला रहा है। अगर उसे सीरीज में बराबर करनी है तो उसके बल्लेबाजों को अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा। अब तक विफल रहने वाले ओपनर रीजा हेंड्रिक्स की जगह एडिन मार्करम को ओपनिंग पर वापस लाने पर विचार कर सकती है। हेंड्रिक्स इस दौरे पर अपनी लय हासिल नहीं कर पाए हैं। डेवाल्ड ब्रेविस से भी अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी जो अभी तक अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतरे हैं।
दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाजों का प्रदर्शन अब तक उतार चढ़ाव वाला रहा है। अगर उसे सीरीज में बराबर करनी है तो उसके बल्लेबाजों को अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा। अब तक विफल रहने वाले ओपनर रीजा हेंड्रिक्स की जगह एडिन मार्करम को ओपनिंग पर वापस लाने पर विचार कर सकती है। हेंड्रिक्स इस दौरे पर अपनी लय हासिल नहीं कर पाए हैं। डेवाल्ड ब्रेविस से भी अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी जो अभी तक अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतरे हैं।



