भाजपा ने कर्नाटक सरकार पर उठाए सवाल, चुप्पी के लिए राहुल को घेरा; सिद्धारमैया ने दी सफाई

बंगलूरू के एम.चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर हुई भगदड़ को लेकर राजनीति तेज हो गई है। भाजपा ने कांग्रेस सरकार पर लापरवाही और हादसे के बाद लीपापोती के तौर पर कार्रवाई करने का आरोप लगाया है। भाजपा ने मामले पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी की चुप्पी पर भी सवाल उठाए। वहीं, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने इसक नकारात्मक राजनीति करार दिया है। आइए विस्तार से समझते हैं… कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने कहा, ‘राज्य सरकार ने दबाव में आकर ही कार्रवाई की है। आरसीबी और कर्नाटक क्रिकेट एसोसिएशन के खिलाफ कार्रवाई की गई है। कल मुख्यमंत्री ने अचानक बंगलूरू सिटी पुलिस कमिश्नर समेत वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और पांच अन्य अधिकारियों को निलंबित कर दिया। असली आरोपी कोई और नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया हैं। आरोपी नंबर 2 उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार हैं। आरोपी नंबर 3 गृह मंत्री जी. परमेश्वर हैं। उनकी जांच होनी चाहिए।’
सीएम और डिप्टी सीएम को सुरक्षा देने में व्यस्त थी पुलिस
भाजपा अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने कहा, ‘यह किसी को भी गुस्सा दिलाने के लिए पर्याप्त है, यह सबसे शांत बंगलूरूवासी या भारतीय को भी क्रोधित करने के लिए पर्याप्त है। इस बात से कि एक ऐसा कार्यक्रम जिसका जश्न क्रिकेट प्रशंसकों द्वारा मनाया जा रहा था, अनहोनी में बदल जाए, यह दुर्घटना जिसमें 11 लोग मारे गए, कई घायल हुए। यह सब सरकारी प्रशासन की लापरवाही के कारण है। यह सब पुलिस की लापरवाही के कारण है, क्योंकि पुलिस सीएम और डिप्टी सीएम को सुरक्षा देने में व्यस्त थी, जो स्टेडियम के अंदर बैठे थे, जश्न मना रहे थे जैसे कि उनका आरसीबी की जीत से कोई लेना-देना हो। जैसे कि वे ही क्रिकेटर हों? यह क्रिकेट टीम की जीत है और प्रशंसकों को जश्न मनाना चाहिए। पुलिस प्रशंसकों और आरसीबी की जीत का जश्न मनाने के लिए राज्य भर से आए लोगों की सुरक्षा पर ध्यान देने के बजाय, वे कांग्रेस के इन दो बड़े वीआईपी सीएम और डिप्टी सीएम और उनके साथियों की सुरक्षा में व्यस्त थे। यह लापरवाही है।’
राहुल गांधी कर चुप्पी पर उठाए सवाल
उन्होंने कहा कि अगर राज्य में, देश में कोई सरकार है, जो अक्षम, अयोग्य, भ्रष्ट है, लोगों की समस्याओं और सुरक्षा के बारे में पूरी तरह से लापरवाह और हृदयहीन है, वह कर्नाटक कांग्रेस सरकार है। राहुल गांधी, जो हर मुद्दे पर बिना सोचे-समझे बयान देते हैं और लोकतंत्र, चीन और संविधान की बात करते हैं, उन्हें सामने आकर अपनी सरकार की लापरवाही के बारे में बोलना चाहिए, जिसकी वजह से कर्नाटक में 11 लोगों की मौत हुई। वह क्यों नहीं बोलते? उन्हें खुलकर बोलना चाहिए और ट्वीट करना चाहिए। वह अचानक से क्यों हाइबरनेशन में चले गए हैं? भाजपा के आरोपों पर कि उसने दोष से बचने के लिए पुलिस को बलि का बकरा बनाया है? कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा, ‘वे राजनीति के लिए ऐसा कर रहे हैं। मैं राजनीति नहीं करता। हमने उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की है, जो स्पष्ट रूप से जिम्मेदार थे। अपने कर्तव्य में लापरवाह पाए गए।’



