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घर पर किस तरह रहते हैं ‘हेरा फेरी’ के बाबू भैया? बेटे आदित्य ने सुनाए परेश रावल से जुड़े किस्से

बॉलीवुड के दिग्गज एक्टर परेश रावल आज अपना 70वां जन्मदिन मना रहे हैं। उन्होंने कई फिल्मों में शानदार एक्टिंग की है, उससे पहले स्टेज पर भी काम किया है और राजनीति में भी अपना नाम बनाया है। लेकिन एक पिता के तौर पर उनका बेटा उन्हें कैसे देखता है। भले ही पर्दे पर उन्होंने कई हिट फिल्मों में काम किया हो लेकिन घर पर वो अपनी जिंदगी कैसे बिताते हैं। घर पर अपने बच्चों के साथ वो कैसे वक्त बिताते हैं। अमर उजाला डिजिटल के साथ उनके बेटे आदित्य रावल ने बातचीत की और बताया कि वो घर पर कैसे रहते हैं। पिता के बारे में बात करते हुए आदित्य रावल ने बताया, ‘पापा के बर्थडे को लेकर घर में कोई बड़ा रिवाज नहीं है। हम सब एक साथ होते हैं, मिलकर डिनर करते हैं और एक-दूसरे के साथ वक्त बिताते हैं। लेकिन एक बार हमने उन्हें सरप्राइज दिया था – ‘डे ऑफ बॉम्बे’ नाम के रेस्टोरेंट में ले गए थे, जो उनका फेवरेट सीफूड जॉइंट था। उन्हें नहीं पता था कि हम कहां जा रहे हैं और जब वहां पहुंचे, तो उनका चेहरा देखकर जो खुशी मिली, वो आज भी याद है।’

‘विदेश में जब मनाया पापा का बर्थडे’
आदित्य ने बताया, ‘एक बार हम सब समर हॉलीडे में आयरलैंड में थे और वहीं पापा का बर्थडे भी था। पहली बार ऐसा हुआ था कि हम सभी बालिग हो गए थे और हम सबने साथ बैठकर एक फेवरिट ड्रिंक के साथ पापा का जन्मदिन मनाया। वो एक बहुत ही अलग तरह का पल था – परिवार के साथ, विदेश में, हंसी-मजाक और खुलकर बातें करते हुए बर्थडे सेलिब्रेट किया। आदित्य ने आगे बात करते हुए बताया- ‘जब हम छोटे थे और पापा लंबे शूटिंग शेड्यूल पर रहते थे, तब हम उनके लिए खुद से कार्ड बनाते थे। पॉकेट मनी से कुछ छोटा-मोटा खरीदते थे और बर्थडे पर उन्हें देते थे। आज भी हर जन्मदिन पर हम सभी घरवाले उन्हें एक-एक किताब गिफ्ट करते हैं। किताब उनका सबसे पसंदीदा तोहफा होता है। पढ़ने का शौक शायद उन्हीं से हमें मिला है।’

मुश्किल वक्त से कैसे बाहर निकलते हैं परेश?
आदित्य रावल ने आगे बातचीत करते हुए बताया, ‘जिंदगी में कई बार उतार-चढ़ाव आते हैं जब पापा लो फील करते हैं, तो दो चीजें उन्हें सबसे ज्यादा संभालती हैं। एक तो उनका फिटनेस रूटीन। योगा हो या वेट ट्रेनिंग, हफ्ते में कम से कम पांच दिन वर्कआउट जरूर करते हैं। दूसरा, एक अच्छी सी फिल्म देखना। चाहे क्लासिक हो या कोई नई दिलचस्प फिल्म वो उन्हें एकदम फ्रेश कर देती है। यही दो चीजें हैं जो उन्हें फिर से एनर्जी से भर देती हैं। आदित्य ने बताया, ‘बहुत सारे लोग हैं जिन्हें पापा ने करियर और जिंदगी में मदद की है। अपने पुराने दोस्तों, कोलीग्स या किसी को आर्थिक मदद, किसी को काम दिलवाना, किसी की स्क्रिप्ट पढ़ना। वो हर किसी के लिए वक्त निकालते हैं। लेकिन वो कभी इन चीजों का प्रचार नहीं करते। उनका मानना है कि अगर किसी की मदद करो, तो उसका ढोल नहीं पीटना चाहिए। उनकी ऑन-स्क्रीन कॉमिक टाइमिंग तो सबने देखी है, लेकिन घर में भी वो वैसे ही हैं। बात-बात में मजाक, चुटकी लेना, सबको हंसाना। कभी-कभी हम चिढ़ भी जाते हैं कि पापा, सीरियस बात कर रहे हैं लेकिन यही तो है – उनका ह्यूमर ही हमें एक-दूसरे के और पास लाता है।

‘एक-दूसरे का काम एनालाइज करते हैं’
आदित्य ने बताया कि कैसे उनके पापा उनके काम में मदद करते हैं। उन्होंने बात करते हुए कहा,  ‘अब चूंकि हम सब इंडस्ट्री में काम कर रहे हैं, तो हमारे घर में फिल्मों पर गहन चर्चा होती है। कभी-कभी मैं बोल देता हूं। पापा आपने ये फिल्म क्यों की? और कभी वो बोलते हैं – अरे, इस सीन में तू थोड़ा और कर सकता था। अब ये बातें दोस्त की तरह होती हैं और बहुत कुछ सीखने को मिलता है।

Aditya Rawal Interview Shares how his father and actor paresh rawal deals with lows in life on his birthday

आदित्य ने बताया, ‘पापा ने कभी ये नहीं कहा कि ऐसे एक्ट करो या वैसे करो। लेकिन उन्होंने हमें ये सिखाया है कि अपने शरीर और आवाज को एक्सप्लोर करो, अपने टूल्स को बढ़ाओ और अलग-अलग किरदार निभाने की तैयारी करते रहो। उन्होंने ये समझाया है कि एक्टर की आर्मरी हमेशा भरी रहनी चाहिए।’

परेश रावल के किरदारों पर बोले आदित्य 
आदित्य ने बताया, ‘वैसे तो मैंने कभी बाबूराव का गेटअप नहीं लिया, लेकिन उनके डायलॉग्स की मिमिक्री तो सब करते हैं। पापा का काम इतना आइकॉनिक है कि उनके डायलॉग्स हमारे घर के भी हिस्से बन गए हैं।’ फिल्म ‘हेरा फेरी’ पर भी आदित्य ने बात की। उन्होंने कहा, ‘फिल्म हेरा-फेरी एक क्लासिक है। बाबूराव का किरदार सिर्फ एक रोल नहीं है, वो एक एहसास है। जैसे उनके फैंस को उम्मीद है कि सब कुछ ठीक हो और फिल्म पूरी तरह बने, वैसे ही मैं भी पूरे दिल से यही चाहता हूं।’ अगर कभी उनकी बायोपिक बनी और उसमें उनके जवानी के दिनों की बात हो, तो शायद वो मैं खुद निभाऊंगा। लेकिन पापा की जिंदगी बहुत लंबी और दिलचस्प है। हर दौर में उनका अलग रूप रहा है- तो फिल्म बनाना आसान नहीं होगा, लेकिन मैं हमेशा उन्हें ऑटोबायोग्राफी लिखने के लिए कहता रहता हूं।’आदित्य रावल ने आगे कहा, ‘अब तो हमारा रिश्ता दोस्ताना हो गया है। पापा मुझे समझते हैं, स्पेस देते हैं और मुझे अपनी रफ्तार से बढ़ने देते हैं। वो सख्त नहीं हैं बल्कि फ्लेक्सिबल हैं। वो सपोर्ट करते हैं, जज नहीं करते।’

‘हेरा फेरी 3’ को लेकर विवाद
बता दें इन दिनों फिल्म ‘हेरा फेरी 3’ से परेश रावल के खुद बाहर निकलने के बाद विवाद शुरू हो गया है। अक्षय कुमार के प्रोडक्शन हाउस की टीम का कहना है कि इससे उन्हें भारी नुकसान हुआ है जबकि परेश रावल के वकील का कहना है कि एक्टर ने बहुत पहले ही फिल्म करने से मना कर दिया था।

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