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जॉनसन का कमिंस-स्टार्क और हेजलवुड-लियोन पर निशाना, WTC फाइनल में हार के लिए जिम्मेदार ठहराया

विश्व टेस्ट चैंपियनशिप 2023-25 फाइनल में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ ऑस्ट्रेलिया की हार के बाद देश के पूर्व तेज गेंदबाज मिचेल जॉनसन ने अपने देश के शीर्ष चार गेंदबाजों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कप्तान पैट कमिंस, मिचेल स्टार्क, जोश हेजलवुड और नाथन लियोन पर ही हार का ठीकरा फोड़ा है। खासतौर पर हेजलवुड पर निशाना साधते हुए जॉनसन ने कहा कि डब्ल्यूटीसी फाइनल की बजाय आईपीएल को प्राथमिकता देने के लिए लोग उनकी प्रतिबद्धता पर सवाल उठाएंगे। यह पहली बार नहीं है जब जॉनसन किसी ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी पर सवाल उठाए हैं। इससे पहले वह डेविड वॉर्नर पर भी निशाना साध चुके हैं। हेजलवुड उन खिलाड़ियों में शामिल थे जिन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव के कारण आईपीएल के स्थगित होने के बाद दोबारा शुरू होने पर भारत लौटने का फैसला किया था। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) ने आईपीएल फाइनल में पंजाब किंग्स को हराकर पहली बार इस खिताब को जीता। हेजलवुड ने आईपीएल सत्र में 22 विकेट लिए। उन्होंने फाइनल में पंजाब के आक्रामक सलामी बल्लेबाज प्रियांश आर्य को चलता किया। आरसीबी की जीत के बाद उन्होंने उन लोगों पर निशाना साधा था, जिन्होंने उनके डब्ल्यूटीसी फाइनल की जगह आईपीएल को तरजीह देने को लेकर सवाल उठाए थे। हेजलवुड ने कहा था कि कोई मैच खेलने से बेहतर तैयारी कुछ भी नहीं है। हालांकि, जॉनसन उन खिलाड़ियों में जरूर शामिल थे, जिन्होंने ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों से वापस आईपीएल में नहीं जाने की अपील की थी।
‘हेजलवुड की फिटनेस की समस्या….’
अब जॉनसन ने हेजलवुड को इन्हीं सब बातों के लिए घेरा है। हेजलवुड लॉर्ड्स में खेले गए डब्ल्यूटीसी फाइनल में ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाजी के अहम खिलाड़ी थे। वह दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ इस मैच में सिर्फ दो विकेट चटका पाए। दक्षिण अफ्रीका शनिवार को पांच विकेट की जीत के साथ विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम किया। जॉनसन ने ‘वेस्ट ऑस्ट्रेलियन’ में लिखा, ‘हमने हाल के वर्षों में हेजलवुड की फिटनेस को लेकर समस्या देखी है। राष्ट्रीय टीम की तैयारियों के बजाय विलंबित इंडियन प्रीमियर लीग में वापसी को प्राथमिकता देने के उनके फैसले ने लोगों को चौंका दिया है।’
‘अपनी विदाई के लिए एशेज का इंतजार कर रहे तो…’
स्टार्क, हेजलवुड, कप्तान पैट कमिंस और नाथन लियोन जैसे वरिष्ठ खिलाड़ियों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि अगर उनका लक्ष्य एशेज के बाद तक अपनी विदाई को जारी रखना है, तो यह गलत मानसिकता है। जॉनसन ने कहा, ‘स्टार्क, हेजलवुड, पैट कमिंस और नाथन लियोन के हमारे सफल ‘बिग फोर’ गेंदबाजी आक्रमण को भी आगे के लिए तय नहीं माना जा सकता। अगर अनुभवी खिलाड़ी सिर्फ विदाई के लिए एशेज तक के लिए बने रहते हैं, तो इससे सवाल उठता है कि क्या यह सही मानसिकता है। यह महत्वपूर्ण है कि हम भविष्य को ध्यान में रखें और अपने अगले टेस्ट खिलाड़ियों को चुनने की ओर कदम बढ़ाएं।’ जॉनसन ने खुद भी आईपीएल के छह सत्र का हिस्सा रहे हैं। उन्होंने इस दौरान कोलकाता नाइट राइडर्स, किंग्स इलेवन पंजाब (पंजाब किंग्स) और मुंबई इंडियंस का प्रतिनिधित्व किया है। वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 550 से ज्यादा विकेट ले चुके हैं।उन्होंने तर्क दिया कि युवा सैम कोंस्टास, जोश इंग्लिस और यहां तक कि 36 वर्षीय तेज गेंदबाज स्कॉट बोलैंड जैसे खिलाड़ी, जो देश के लिए प्रदर्शन करने के लिए बेताब थे, उन्हें राष्ट्रीय टीम में जगह नहीं मिल रही थी। जॉनसन ने कहा, ‘सैम कोंस्टास, जोश इंग्लिस और स्कॉट बोलैंड जैसे खिलाड़ियों की मानसिकता अलग है। भले ही बोलैंड 36 साल के हों, लेकिन वह हर बार मौका मिलने पर खुद को साबित करने के लिए उत्सुक रहते हैं।’
‘सभी उम्रदराज खिलाड़ियों की आलोचना नहीं कर रहा हूं…’
जॉनसन ने कहा, ‘मैं एक टीम के सभी उम्रदराज खिलाड़ियों की आलोचना नहीं कर रहा हूं, जिसने एक साथ बहुत कुछ हासिल किया है। हमारे स्थापित खिलाड़ियों में बिग-फोर के अलावा उस्मान ख्वाजा, (स्टीव) स्मिथ और (मार्नस) लाबुशेन शामिल हैं, जिन्होंने कुछ बेहतरीन ट्रॉफियां जीती हैं।’ उन्होंने कहा कि वेस्टइंडीज के खिलाफ आगामी टेस्ट सीरीज योग्य खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका देने का सही समय है।
‘यह कठिन फैसले लेने का समय है…’
जॉनसन ने कहा, ‘यह विचार करना आवश्यक है कि अब कठिन फैसले लेने का सही समय आ गया है। आगामी तीन टेस्ट मैचों का विंडीज दौरा योग्य खिलाड़ियों को चमकने का मौका देने के लिए एक सबसे सही अवसर है। नंबर तीन पर एक विशेषज्ञ खिलाड़ी को ढूंढना बहुत महत्वपूर्ण है और पिछले 18 महीनों में लाबुशेन ने जिस तरह का प्रदर्शन किया है, उसे देखते हुए उन्हें फिर से उसी स्थान पर भेजना उचित नहीं है। एक बार में सभी शीर्ष तीन बल्लेबाजी स्थानों में बदलाव करने की कोशिश करना वास्तव में जोखिम भरा होगा और मुझे नहीं लगता कि चयनकर्ता इस रास्ते पर चलेंगे। वेस्टइंडीज की पिचों के लिए कोंस्टास एक ठोस विकल्प के रूप में उभर रहे हैं, खासकर ख्वाजा जैसे अनुभवी खिलाड़ी के साथ वह अच्छा कर सकते हैं।’

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