भारतीय सिनेमा के लिए ये हफ्ता गौरव से भरा रहा है। दिग्गज अभिनेता कमल हासन और अपने दमदार अभिनय से हर किसी का दिल जीतने वाले आयुष्मान खुराना को हॉलीवुड की सबसे प्रतिष्ठित संस्था ‘अकादमी ऑफ मोशन पिक्चर आर्ट्स एंड साइंसेज’ यानी ऑस्कर अकादमी की सदस्यता के लिए आमंत्रित किया गया है। ये मौका न सिर्फ दोनों कलाकारों के लिए सम्मानजनक है, बल्कि भारतीय फिल्म जगत के लिए भी एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। इस साल अकादमी ने कुल 534 नए सदस्यों को आमंत्रण भेजा है, जिसमें भारत से कई नामों ने जगह बनाई है। कमल हासन और आयुष्मान खुराना के साथ-साथ कास्टिंग डायरेक्टर करण माली, सिनेमैटोग्राफर रणवीर दास, कॉस्ट्यूम डिजाइनर मैक्सिमा बसु, डॉक्यूमेंट्री फिल्ममेकर स्मृति मुंदड़ा और फिल्ममेकर पायल कपाड़िया को भी सदस्य बनने के लिए न्योता मिला है।
कमल हासन, आयुष्मान और पायल कपाड़िया को न्योता
कमल हासन को दक्षिण भारतीय सिनेमा में उनकी बहुपक्षीय प्रतिभा और चार दशकों के सिनेमाई योगदान के लिए जाना जाता है। वहीं आयुष्मान खुराना ने बॉलीवुड में अपने हटके रोल्स और सामाजिक मुद्दों को छूने वाली फिल्मों से एक खास पहचान बनाई है। दोनों कलाकारों का चयन वैश्विक मंच पर भारतीय प्रतिभा की मान्यता के रूप में देखा जा रहा है। इस लिस्ट में सिर्फ भारतीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मशहूर कलाकारों को भी जगह मिली है। जैसे कि हॉलीवुड स्टार्स डेव बॉतिस्ता, जेसन मोमोआ, गिलियन एंडरसन, एंड्रयू स्कॉट, ऑब्रे प्लाजा और ‘सक्सेशन’ फेम कियरन कल्किन जैसे नाम भी शामिल हैं।अकादमी की सदस्यता कोई आवेदन प्रक्रिया से नहीं बल्कि मौजूदा सदस्यों की सिफारिश और इंडस्ट्री में व्यक्ति के योगदान के आधार पर दी जाती है। इस बार विशेष ध्यान विविधता और समावेश पर दिया गया है। नए आमंत्रित सदस्यों में 41% महिलाएं हैं और 45% ऐसे समुदायों से आते हैं जिन्हें वैश्विक मंच पर अब तक कम प्रतिनिधित्व मिला है। अगर ये सभी आमंत्रित सदस्य अकादमी की सदस्यता स्वीकार कर लेते हैं तो 2025 तक अकादमी के कुल सदस्यों की संख्या 11,120 हो जाएगी, जिनमें से 10,143 सदस्य वोटिंग प्रक्रिया में भाग लेने के पात्र होंगे।अगले ऑस्कर अवॉर्ड समारोह की तारीख भी तय हो चुकी है। यह भव्य आयोजन 15 मार्च 2026 को आयोजित होगा, जिसमें मेजबानी की जिम्मेदारी मशहूर होस्ट कॉनन ओ’ब्रायन निभाएंगे। नामांकन के लिए वोटिंग 12 से 16 जनवरी 2026 तक होगी और नामों की आधिकारिक घोषणा 22 जनवरी को की जाएगी। ये साफ है कि भारतीय सिनेमा की पहुंच अब सिर्फ राष्ट्रीय सीमाओं तक सीमित नहीं रही। वैश्विक स्तर पर कलाकारों की मान्यता भारत की सांस्कृतिक शक्ति का प्रमाण बन रही है।