Latest newsPodcast

टाटा को ही क्यों मिला काम? राहुल पर निशिकांत दुबे का पलटवार, कहा- कांग्रेस पूंजीपतियों की असली साथी

भारतीय जनता पार्टी के सांसद निशिकांत दुबे ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर करारा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और बड़े उद्योगपतियों के बीच की सांठगांठ कोई नई बात नहीं है। दुबे ने एक पुराना मामला उठाते हुए कहा कि 1971 में राहुल गांधी की दादी और उस समय की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के कार्यकाल में केवल एक कंपनी टाटा को केमिकल निर्माण का काम सौंपा गया था। निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए राहुल गांधी से सीधे सवाल किया। उन्होंने लिखा कि राहुल गांधी जी, आपकी कांग्रेस और उद्योगपतियों की मिलीभगत खूब चर्चित रही है। 2 जून 1971 को संसद में केवल टाटा को केमिकल बनाने की जिम्मेदारी दी गई थी। क्या यह आपकी दादी इंदिरा गांधी का निर्णय नहीं था? उन्होंने कांग्रेस पर उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने का आरोप लगाया।
कांग्रेस का ‘लाइसेंस-परमिट कोटा राज’
निशिकांत दुबे ने कांग्रेस पार्टी पर हमला जारी रखते हुए कहा कि कांग्रेस ने देश में ‘लाइसेंस, परमिट और कोटा’ का ऐसा तंत्र बनाया था, जिससे चुनिंदा लोगों को ही फायदा पहुंचता था। उन्होंने कहा, “कांग्रेस का मतलब है लाइसेंस, परमिट और कोटे का राज। गांधी परिवार का यह काला सच है। दुबे का यह बयान उस वक्त आया है जब राहुल गांधी बार-बार भाजपा और उद्योगपतियों के संबंधों को निशाना बना रहे हैं। इससे पहले राहुल गांधी ने ओडिशा की एक जनसभा में भाजपा और बीजेडी सरकारों पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा था कि ओडिशा की सरकार का एक ही काम है, गरीबों से संपत्ति छीनकर अमीरों को देना। राहुल गांधी ने कहा कि पहले बीजेडी सरकार ने ऐसा किया और अब भाजपा सरकार वही कर रही है। उन्होंने कहा कि यह गरीब बनाम अरबपति की लड़ाई है, जिसमें कांग्रेस ही गरीबों की सच्ची आवाज है। राहुल गांधी ने अडानी समूह पर भी हमला बोला और आरोप लगाया कि ओडिशा में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा के दौरान रथों को अडानी के लिए रोका गया। उन्होंने कहा कि अडानी ओडिशा सरकार चलाता है, अडानी नरेंद्र मोदी को चलाता है। लाखों लोगों की मौजूदगी में रथयात्रा के रथों को अडानी और उनके परिवार के लिए रोक दिया जाता है। इससे सरकार की सच्चाई साफ हो जाती है।

Related Articles

Back to top button