चुनावी हार के बावजूद पीएम बने रहेंगे शिगेरू इशिबा, अमेरिकी टैरिफ जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए फैसला

जापानी प्रधानमंत्री शिगेरू इशिबा चुनाव में हार के बावजूद अमेरिकी टैरिफ जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए पद पर बने रहेंगे। जापान के प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा ने सोमवार को कहा कि वह बढ़ती कीमतों और उच्च अमेरिकी शुल्क जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए पद पर बने रहेंगे। इशिबा को जापान के एक महत्वपूर्ण चुनाव में करारी हार का सामना करना पड़ा है। रविवार को हुए मतदान में इशिबा की सत्तारूढ़ लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी और उसके गठबंधन सहयोगी कोमेइतो को 248 सीटों वाले उच्च सदन में बहुमत नहीं मिला। वह बहुमत से तीन सीटें दूर रह गईं। गठबंधन अब संसद के दोनों सदनों में अल्पमत में है। हालांकि, एलडीपी अभी भी सबसे बड़ी पार्टी है। इशिबा ने कहा कि वह परिणामों को गंभीरता से लेते हैं, लेकिन उनकी प्राथमिकता राजनीतिक समस्या पैदा होने से बचना और अमेरिका के साथ शुल्क समझौते की 1 अगस्त की समय सीमा सहित कई चुनौतियों से निपटना है। प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि वे एक पारस्परिक रूप से जरूरी समझौते पर पहुंचेंगे और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मिलेंगे। इशिबा ने कहा, ‘चुनाव परिणामों को लेकर अपनी गंभीर जिम्मेदारी को मैं बहुत गंभीरता से महसूस करता हूं, लेकिन मेरा मानना है कि मुझे देश और लोगों के प्रति अपनी जिम्मेदारी भी निभानी चाहिए, ताकि राजनीति ठप या दिशाहीन न हो जाए। वैश्विक स्थिति और प्राकृतिक आपदा जैसी चुनौतियां बेहतर राजनीतिक स्थिति का इंतजार नहीं करेंगी।’
पिछले साल निचले सदन के चुनाव में बहुमत खो दिया था
इससे पहले रविवार का मतदान ऐसे समय में हुआ, जब इशिबा के गठबंधन ने अक्तूबर में हुए निचले सदन के चुनाव में बहुमत खो दिया था। तब से उनकी अलोकप्रिय सरकार को संसद में विधेयक पारित कराने के लिए विपक्ष के आगे झुकना पड़ रहा है। यह सरकार जापान के पारंपरिक मुख्य खाद्यान्न चावल सहित बढ़ती कीमतों और घटती मजदूरी को रोकने के लिए तुरंत प्रभावी उपाय करने में नाकाम रही है।
25% टैरिफ इशिबा के लिए एक और झटका
ट्रंप ने व्यापार वार्ता में प्रगति की कमी की शिकायत कर जापान पर दबाव बढ़ा दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने अनाज के घरेलू भंडार में कमी के बावजूद जापान को अमेरिकी ऑटो और अमेरिका में उगाए गए चावल की बिक्री में कमी की शिकायत कर के भी इस दबाव को दोगुना कर दिया था। 1 अगस्त से लागू होने वाला 25% टैरिफ इशिबा के लिए एक और झटका है।



