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शमा परवीन ने असीम मुनीर से की थी भारत में गजवा-ए-हिंद शुरू करने की अपील; गुजरात एटीएस का सनसनीखेज खुलासा

बीते दिनों गुजरात एटीएस ने अल-कायदा के ऑनलाइन टेरर मॉड्यूल का भंडाभोड़ करते हुए शमा परवीन समेत पांच आतंकियों को देश के विभिन्न हिस्सों से गिरफ्तार किया था। गुजरात एटीएस ने बुधवार को बताया कि शमा ने पाकिस्तानी सेना प्रमुख असीम मुनीर से गजवा-ए-हिंद शुरू करने की अपील की थी। उसने कहा था कि अब समय आ गया है, जब पाकिस्तान को भारत में खिलाफत प्रोजेक्ट को लागू करने की दिशा में कदम उठाने चाहिए। एटीएस के अनुसार, परवीन पाकिस्तानी जनरल आसिम मुनीर के एजेंडे को भारत में बढ़ा रही थी। वह ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सोशल मीडिया पर लगातार भारत के खिलाफ जहर फैला रही थी। गुजरात एटीएस को शमा परवीन की ऐसी कई पोस्ट मिली हैं, जो उसने 7 से 10 मई के बीच शेयर किए थे। जिनमें पाकिस्तान का खुला समर्थन और भारत के खिलाफ नफरत भरे संदेश शामिल हैं।
अब्दुल अजीज और मुनीर के हिंसक भाषण पोस्ट किए थे
एटीएस के अनुसार आतंकी शमा परवीन ने सोशल मीडिया पर लाहौर की लाल मस्जिद के इमाम अब्दुल अजीज का एक बयान भी शेयर किया था। जिसमें उसने भारत में इस्लामी शासन के लिए सशस्त्र क्रांति और जिहाद की बात कही थी। यह बयान भारत की संप्रभुता और लोकतांत्रिक ढांचे पर सीधा हमला था। इसके अलावा एटीएस की जांच में पता चला है कि शमा ने आसिम मुनीर के हिंसक भाषण भी शेयर किए थे। गौरतलब हो कि मुनीर ने गजवा-ए-हिंद के तहत भारत में हिंदू समुदाय और जनहित संस्थानों को निशाना बनाने का ऐलान किया था। गुजरात एटीएस ने बताया कि शमा परवीन सोशल मीडिया के जरिये युवाओं को कट्टरपंथी बना रही थी। 30 वर्षीय शमा परवीन मूल रूप से झारखंड की रहने वाली है और बंगलूरू के हेब्बल इलाके में अपने भाई के साथ रहती थी, जो एक निजी कंपनी में काम करता है। फिलहाल आरोपी शमा को पूछताछ के लिए एटीएस की हिरासत में रखा गया है। और आगे की जानकारी का इंतजार है। बीती 30 जुलाई को बंगलूरू से पकड़ी गई आरोपी शमा परवीन अंसारी फोन और ईमेल के जरिए पाकिस्तानी संस्थाओं के संपर्क में थी। वह सोशल मीडिया पर भड़काऊ सामग्री पोस्ट करती थी, जिसमें भारत सरकार के खिलाफ सशस्त्र क्रांति या जिहाद का आह्वान किया जाता था और देश में वैमनस्य फैलाया जाता था। एटीएस के मुताबिक, वह एक्यूआईएस और कुछ अन्य कट्टरपंथी प्रचारकों की भड़काऊ और भारत-विरोधी सामग्री साझा करने के लिए दो फेसबुक पेज और एक इंस्टाग्राम हैंडल चलाती थी, जिसके 10,000 से ज्यादा फॉलोअर्स थे। अंसारी को बंगलूरू के आरटी नगर इलाके में उसके घर से गिरफ्तार किया गया। वह उन चार लोगों में से एक से जुड़ी थी, जिन्हें एटीएस ने एक हफ्ते पहले अपने इंस्टाग्राम अकाउंट के जरिए ऐसी सामग्री साझा करने के आरोप में गिरफ्तार किया था।
23 जुलाई को चार लोगों को किया गया था गिरफ्तार
एटीएस ने बताया कि 23 जुलाई को दिल्ली, नोएडा, अहमदाबाद और गुजरात के मोडासा शहर से चार लोगों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक्यूआईएस के जिहादी प्रचार वीडियो सहित कट्टरपंथी और भड़काऊ सामग्री साझा करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। इन वीडियो के माध्यम से चारों लोग मुस्लिम युवाओं को भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था को उखाड़ फेंकने और सशस्त्र विद्रोह के माध्यम से देश में ‘शरिया’ (इस्लामी कानून) लागू करने के लिए उकसाते थे।

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