‘शिंदे ने तो लॉटरी जीती’, गणेश नाइक का डिप्टी सीएम पर तंज; ठाणे में लगाएंगे जनता दरबार

महाराष्ट्र के वन मंत्री और भाजपा विधायक गणेश नाइक ने एक बार फिर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर कटाक्ष कर राज्य में सियासी गर्माहट तेज कर दी है। एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि डिप्टी सीएम शिंदे ने तो लॉटरी जीती है। नाइक का इशारा साल 2022 के उस समय की ओर था जब शिंदे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बने थे। नाइक ने कहा कि हर कोई लॉटरी नहीं जीतता, लेकिन शिंदे ने जीत ली। अब असली बात यह है कि कोई अपना पद कैसे हासिल करता है और उसे कैसे बनाए रखता है। आम जनता ये सब देखती है।
नाइक बोले- ठाणे में लगाएंगे जनता दरबार
इसके साथ ही भाजपा विधायक ने शिंदे के गृह क्षेत्र ठाणे में जनता दरबार लगाने का एलान किया। उन्होंने कहा कि वे 22 अगस्त को ठाणे में जनता दरबार लगाएंगे, जिसमें लोग अपनी शिकायतें लेकर आएंगे और समाधान की मांग करेंगे। उन्होंने कहा कि इसी तरह के कार्यक्रम 19 और 20 अगस्त को नवी मुंबई और जव्हार में भी आयोजित होंगे। नाइक ने आगे कहा कि लोगों की सेवा करने के लिए सत्ता ज़रूरी है और सत्ता पाने के लिए जनता के लिए काम करना होगा। दोनों बातें एक-दूसरे से जुड़ी हुई हैं। नाइक ने कहा कि जब वह ठाणे जिले के संरक्षक मंत्री थे, तब स्वर्गीय विष्णु सावरा, दिवंगत भाजपा सांसद चिंतामन वांगा और एकनाथ शिंदे डीपीडीसी (जिला योजना एवं विकास परिषद) के सदस्य थे। बता दें कि इस कार्यक्रम में पालघर और बोईसर निर्वाचन क्षेत्रों के शिवसेना विधायकों के साथ-साथ पालघर से भाजपा सांसद हेमंत सवारा भी शामिल हुए। बता दें कि ये पहली बार नहीं है कि ठाणे जिले के ऐरोली से विधायक गणेश नाइक ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर निशाना साधा हो। इससे पहले जुलाई में भी नाइक ने बिना नाम लिए शिंदे की ओर इशारा करते हुए आरोप लगाया था कि बाहरी लोग नवी मुंबई के संसाधनों को दोहन कर रहे हैं।
शिवसेना ने दिया जवाब
हालांकि नाइक के बयान पर शिवसेना ने भी पलटवार किया। शिवसेना की ओर से जारी बयान में नाइक पर आरोप लगाया गया कि वे नवी मुंबई में अपनी पुरानी राजनीतिक पकड़ कमजोर होते देख ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं। गौरतलब है कि 2022 में शिंदे ने उद्धव ठाकरे की सरकार गिराकर मुख्यमंत्री पद संभाला था। लेकिन 2024 में भाजपा द्वारा ज्यादा सीटें जीतने के बाद शिंदे को उपमुख्यमंत्री पद स्वीकार करना पड़ा और देवेंद्र फडणवीस फिर से सत्ता में लौटे।



