‘कौन बनेगा करोड़पति’ में 1 करोड़ जीतने वाले डिप्टी कमांडेंट को झटका, गुजरात से बांदीपोरा में तबादला

केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के डिप्टी कमांडेंट आदित्य कुमार ने पिछले दिनों ‘कौन बनेगा करोड़पति’ (केबीसी) के 17वें सीजन में हिस्सा लिया था। अपने आत्मविश्वास के बल पर उन्होंने ‘केबीसी’ में एक करोड़ रुपये जीत लिए थे। केबीसी के होस्ट एवं हिंदी फिल्मों के महानायक अमिताभ बच्चन ने आदित्य को गले लगा लिया था। डिप्टी कमांडेंट की इस उपलब्धि पर उनके साथियों और बल कार्मिकों ने खुशी जताई थी। अब 29 अगस्त को एकाएक सीआईएसएफ मुख्यालय ने आदित्य कुमार का तबादला, गुजरात के यूटीपीएस उकई से जेएंडके के बांदीपोरा में कर दिया है। सूत्रों का कहना है कि यह तबादला आदेश सीआईएसएफ के शीर्ष नेतृत्व के निर्देश पर जारी किए गए हैं। सीआईएसएफ द्वारा आदेश में इस तबादले की वजह ‘प्रशासनिक आधार’ बताया गया है। बता दें कि डिप्टी कमांडेंट आदित्य कुमार के इस तबादले पर न केवल सीआईएसएफ, बल्कि दूसरे केंद्रीय अर्धसैनिक बलों में भी चर्चा हो रही है। युवा कैडर अफसरों ने इस तबादले पर हैरानी जताई है। कैडर अधिकारियों का कहना है कि जहां इस उपलब्धि पर आदित्य कुमार को सीआईएसएफ के शीर्ष नेतृत्व द्वारा सम्मानित किया जाना चाहिए था, वहीं अब उन्हें कथित तौर पर सजा दी जा रही है। सूत्रों का कहना है कि अभी आदित्य कुमार के रूटीन तबादले का समय नहीं हुआ था। यह एक औचक तौर पर उठाया गया कदम है। कई अफसरों का कहना है कि सीआईएसएफ के शीर्ष नेतृत्व को उनके एक डिप्टी कमांडेंट द्वारा केबीसी में भाग लेकर एक करोड़ रुपये जीतना रास नहीं आ रहा। बल मुख्यालय के सूत्रों का यह भी कहना है, संभव है कि आदित्य कुमार की प्रारंभिक जांच भी प्रारंभ हो जाए। आदित्य कुमार की जगह पर केजीएचईपी बांदीपोरा से सुरेश कुमार यादव को यूटीपीएस उकई ‘गुजरात’ भेजा गया है। इस बाबत जब आदित्य कुमार से बातचीत की गई तो उन्होंने केवल इतना ही कहा, ये विभागीय मामला है। सब नियमों के अनुसार ही होता है। इस सवाल के जवाब में कि वे क्या विभाग की सहमति से ‘केबीसी’ में गए थे तो उनका कहना था, फोर्स में सब काम नियम एवं अनुशासन से ही होता है। वे इस बाबत कुछ बोलने के लिए अधिकृत नहीं हैं। इस संबंध में सीआईएसएफ के मुख्य पीआरओ डीआईजी अजय दहिया और पीआरओ सरोज से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन बातचीत नहीं हो सकी। आदित्य कुमार ने कहा था कि वे ‘केबीसी’ में मिली उपलब्धि को अपनी यूनिट को समर्पित करना चाहते हैं।



