‘उनके स्वागत में कुत्ते की तरह..’, भाजपा विधायक की फिसली जुबान; महिला एसपी पर टिप्पणी मामले में FIR

कर्नाटक में भाजपा विधायक बीपी हरीश अपने विवादित बयान को लेकर घिर गए हैं। उन्होंने दावणगेरे जिले की महिला पुलिस अधीक्षक (एसपी) उमा प्रसाद पर टिप्पणी करते हुए उन्हें ‘पोमेरेनियन कुत्ते’ की तरह व्यवहार करने वाला बताया। इस बयान के बाद हंगामा मच गया और विधायक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। मामला तेजी से राजनीतिक तूल पकड़ रहा है। बीपी हरीश ने दावणगेरे शहर में रिपोर्टर्स गिल्ड द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में यह बयान दिया। उन्होंने कहा कि जब वह किसी कार्यक्रम में जाते हैं तो एसपी उनकी ओर देखती तक नहीं और चेहरा फेर लेती हैं। लेकिन जब कांग्रेस के प्रभावशाली शमनूर परिवार का कोई सदस्य आता है तो एसपी गेट पर खड़ी रहती हैं और उनके स्वागत में ‘घर के पोमेरेनियन कुत्ते’ की तरह बर्ताव करती हैं।शमनूर परिवार दावणगेरे जिले में बड़ी राजनीतिक ताकत रखता है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शमनूर शिवशंकरप्पा विधायक हैं। उनके बेटे एसएस मल्लिकार्जुन सिद्धारमैया सरकार में खनन, भूविज्ञान और बागवानी मंत्री हैं। उनकी बहू प्रभा मल्लिकार्जुन सांसद हैं। ऐसे में भाजपा विधायक का यह बयान कांग्रेस खेमे में हमला करने जैसा माना जा रहा है।
महिला अधिकारी पर तीसरा अपमानजनक हमला
यह पहली बार नहीं है जब कर्नाटक में महिला अफसरों को नेताओं की टिप्पणी का शिकार होना पड़ा हो। हाल के महीनों में यह तीसरा मामला है। जुलाई में भाजपा एमएलसी एन. रविकुमार ने मुख्य सचिव शालिनी राजनीश पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि मुख्य सचिव दिनभर मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के काम में व्यस्त रहती हैं और रात को ही सरकारी जिम्मेदारियां निभाती हैं। इस बयान पर भी उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई थी।
इसी तरह रविकुमार ने पहले भी कलबुर्गी की डिप्टी कमिश्नर फौजिया तरन्नुम को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि वह पाकिस्तान से आई होंगी। इस बयान पर भी तीखा विवाद हुआ था। विपक्ष और महिला संगठनों ने ऐसी टिप्पणियों को न सिर्फ अपमानजनक बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था पर हमला बताया था।
एफआईआर और राजनीतिक विवाद
बीपी हरीश के बयान पर अब उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज हो गई है। कांग्रेस ने भाजपा नेताओं के इन बयानों पर तीखी आलोचना की है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि भाजपा नेताओं की भाषा महिलाओं के प्रति असम्मानजनक और लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। वहीं भाजपा ने अभी इस विवाद पर आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन विपक्ष इसे महिलाओं के सम्मान से जुड़ा मुद्दा बताते हुए विधानसभा में उठाने की तैयारी कर रहा है।



