नौकरी के चक्कर में कहीं चोरी न हो जाए अपनी पर्सनल जानकारी, समझें E-mail से चल रहे फ्रॉड का खेल

आजकल इंटरनेट पर नौकरियों की पोस्टिंग करने वाले कई वेबसाइट और एप्स मौजूद हैं। ये प्लेटफॉर्म्स नौकरियों के लिए लोगों को बेहतरीन स्टेज देते हैं। हालांकि, अब इसे भी जालसाजों की नजर लग गई है। नौकरी के लिए एम्पलॉयर को ई-मेल भेजना आम है, लेकिन क्या होगा जब ई-मेल का उद्देश्य नौकरी देना नहीं, बल्कि केवल आपकी पर्सनल जानकारी इकट्ठा करना हो? भारत में लिंक्डइन (LinkedIn) जैसे प्लेटफॉर्मस कॉर्पोरेट कंपनियों के कर्मचारियों के बीच काफी पॉपुलर है और देश में इसके यूजर्स करोड़ों में हैं। यह प्लेटफॉर्म लाखों लोगों को नौकरी और जॉब पोस्टिंग ढूंढने में मदद करता है। हालांकि, इन दिनों देखा गया है कि कई एम्पलॉयर इसमें अपनी ऑफिशियल ई-मेल साझा करने के बजाए, अपनी पर्सनल ई-मेल शेयर करते हैं और यूजर्स से रेज्यूमे या सीवी भेजने की मांग करते हैं।
बता दें कि किसी भी पोजिशन के लिए ओपनिंग शेयर करते समय कंपनी के ह्यूमन रिसोर्स प्रोफेशनल, यानी HR अपनी ऑफिशियल ई-मेल साझा करते हैं, जिसमें उनके नाम के साथ कंपनी की आईडी भी जुड़ी होती है। इससे पता चलता है कि एचआर उसी कंपनी में काम करता है और इससे उस पोस्ट या वैकेंसी के ऑफिशियल होने का पता चलता है। हालांकि, कई एसे अकाउंट्स होते हैं जिनसे की गई पोस्ट में पर्सनल ई-मेल आईडी दी गई होती। ऐसे में इनपर रेज्यूमे या पर्सनल डिटेल साझा करने से आपकी जानकारी एम्प्लॉयर के बजाए किसी खास व्यक्ति के पास जाने का खतरा रहता है। कई ऐसे पोस्ट भी किए जाते हैं जिनमें कंपनी और जॉब लोकेशन की जानकारी नहीं बताई जाती, लेकिन सिर्फ सैलरी बताई जाती है।
ज्यादा सैलरी हो सकता है धोखा
कई जॉब पोस्ट में कंपनी का नाम, जॉब लोकेशन या पोजिशन के बारे में जानकारी नहीं बताई जाती। ऐसे पोस्ट में अक्सर अधिक सैलरी की रकम या कम काम के घंटे लिखे होते हैं। ऐसे पोस्ट के झांसे में आकर लोग अपनी रेज्यूमे या कॉन्टैक्ट डिटेल्स साझा कर देते हैं। अगर यह फर्जी जॉब पोस्टिंग निकली तो आपकी जानकारी स्कैमर्स तक पहुंच सकती है। जॉब पोस्टिंग प्लेटफॉर्म्स पर फेक आईडी के जरिए लोगों की जानकारियां चुराने के इस तरह के मामले लगातार बढ़ रहे हैं।
ई-मेल भेजते समय इन बातों का रखें ध्यान



