पीयूष गोयल और जयशंकर से मिले इतालवी डिप्टी पीएम; भारत-यूरोपीय संघ के बीच FTA का किया समर्थन

संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के सत्र के दौरान इटली के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री एंटोनियो ताजानी ने भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात की। इस बैठक में ताजानी ने भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को जल्द से जल्द अंतिम रूप देने के लिए इटली के मजबूत समर्थन की पुष्टि की। ताजानी ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (एक्स) पर पोस्ट करते हुए इस मुलाकात को महत्वपूर्ण बताया और कहा कि वह आने वाले महीनों में भारत का दौरा करेंगे।एंटोनियो ताजानी ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (एक्स) पर पोस्ट करते हुए इस मुलाकात को महत्वपूर्ण बताया और कहा कि वह आने वाले महीनों में भारत का दौरा करेंगे। उन्होंने लिखा, ‘न्यूयॉर्क में मैंने भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल से महत्वपूर्ण मुलाकात की। इटली और भारत के बीच रणनीतिक राजनीतिक और आर्थिक साझेदारी है, जिसे हम मेरे भारत दौरे के जरिए और मजबूत करना चाहते हैं।’
‘भारत इटली के लिए प्राथमिकता वाला देश’
एंटोनियो ताजानी ने यह भी कहा कि भारत इटली के लिए प्राथमिकता वाला देश है। उन्होंने खुलासा किया कि इटली ने अपने निर्यातक कंपनियों को मदद देने के लिए 500 मिलियन यूरो (लगभग 4,500 करोड़ रुपये) की विशेष योजना तैयार की है, ताकि भारत के साथ व्यापार बढ़ाया जा सके।
इतालवी डिप्टी पीएम का एफटीए पर जोर
इस दौरान एंटोनियो ताजानी ने कहा, ‘मैंने भारत-यूरोपीय संघ के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को तेजी से अंतिम रूप देने के लिए इटली का समर्थन दोहराया।’ इस समझौते के लागू होने के बाद भारत और ईयू के बीच व्यापार और निवेश को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। यह दोनों पक्षों के लिए शुल्क घटाने, व्यापारिक नियम आसान करने, और निवेश को बढ़ावा देने का बड़ा अवसर होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से भारतीय कंपनियों को यूरोप के विशाल बाजार तक आसान पहुंच मिलेगी, जबकि यूरोपीय कंपनियों को भारत जैसे तेजी से बढ़ते बाजार में निवेश और व्यापार के बेहतर अवसर मिलेंगे। भारतीय आईटी, फार्मा, और कृषि उत्पादों को बड़ा लाभ हो सकता है। यूरोप के ऑटोमोबाइल, लक्जरी गुड्स और मशीनरी सेक्टर के लिए भी भारत में अवसर बढ़ेंगे। इस बैठक के साथ भारत और यूरोपीय संघ के बीच चल रही एफटीए वार्ताओं को नई गति मिलने की संभावना है। ताजानी के आगामी भारत दौरे को इस दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।



