मसूड़ों से खून आने को हल्के में न लें, हो सकते हैं इन बीमारियों के शुरुआती लक्षण

ब्रश करते समय या कुछ भी सख्त खाते समय मसूड़ों से हल्का खून आना एक बेहद आम समस्या है, जिसे अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं। ज्यादातर लोग इसे सामान्य मानकर या जोर से ब्रश करने का नतीजा समझकर इस पर ध्यान नहीं देते। हालांकि, अधिकांश मामलों में इसका कारण मसूड़ों की सूजन ही होता है, जो खराब ओरल हाइजीन की वजह से होता है। लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि अगर आपके मसूड़ों से बिना किसी वजह के और लगातार खून आ रहा है, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। कुछ मामलों में यह शरीर में पनप रही किसी गंभीर बीमारियों का शुरुआती लक्षण भी हो सकता है, जिन पर समय रहते ध्यान देना अत्यंत आवश्यक है। आइए इस लेख में इसी के बारे में विस्तार से जानते हैं। मसूड़ों से खून आने का सबसे प्रमुख कारण जिंजिवाइटिस है, जिसे मसूड़ों की सूजन भी कहते हैं। यह दांतों पर प्लाक (एक चिपचिपी परत) जमने के कारण होता है, जिससे मसूड़ों में संक्रमण हो जाता है और वे सूज कर लाल हो जाते हैं और ब्रश करते समय उनसे खून आने लगता है। अच्छी बात यह है कि नियमित रूप से दिन में दो बार ब्रश करने, फ्लॉसिंग और डेंटिस्ट से सफाई करवाने पर यह समस्या पूरी तरह से ठीक हो सकती है।शरीर में कुछ खास विटामिन की कमी होने पर भी मसूड़ों से खून आ सकता है। विटामिन C की कमी (स्कर्वी) इसका एक प्रमुख कारण है, क्योंकि यह मसूड़ों के टिश्यू को स्वस्थ रखने में मदद करता है। इसके अलावा विटामिन K की कमी भी एक बड़ा कारण हो सकती है, क्योंकि यह खून का थक्का जमने के लिए आवश्यक है। इसकी कमी से शरीर में कहीं से भी आसानी से खून बहने की प्रवृत्ति बढ़ जाती है।
डायबिटीज और लिवर की समस्या
लगातार मसूड़ों से खून आना अनियंत्रित डायबिटीज (मधुमेह) का भी एक संकेत हो सकता है। हाई ब्लड शुगर शरीर की संक्रमण से लड़ने की क्षमता को कम कर देता है, जिससे मसूड़े कमजोर हो जाते हैं और उनमें आसानी से संक्रमण होकर खून आने लगता है। इसी तरह लिवर से जुड़ी बीमारियां भी इसका कारण हो सकती हैं, क्योंकि लिवर खून का थक्का बनाने वाले प्रोटीन का उत्पादन करता है।

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