Latest newsWorld news

वेस्ट बैंक विवाद पर अमेरिका-इस्राइल आमने-सामने, ट्रंप बोले- कब्जा किया तो यूएस नहीं देगा समर्थन

इस्राइल की संसद में वेस्ट बैंक अधिग्रहण पर वोटिंग से बड़ा विवाद खड़ा हो गया। प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने इसे विपक्ष की साजिश बताया, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर इस्राइल कब्जा करता है तो अमेरिका उसका समर्थन खत्म कर देगा। उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस और विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी इस कदम को गैर-जिम्मेदार करार दिया। फलस्तीनी प्राधिकरण ने वोट को अवैध बताया और अंतरराष्ट्रीय कानून का हवाला दिया। यरूशलम में गुरुवार को इस्राइल की संसद कनेसट में वेस्ट बैंक को इस्राइल में मिलाने के प्रस्ताव पर हुई वोटिंग ने बड़ा सियासी विवाद खड़ा कर दिया। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने इस वोट को विपक्ष की “जानबूझकर की गई राजनीतिक साजिश” बताया, जिसका उद्देश्य अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस की इस्राइल यात्रा के दौरान अस्थिरता पैदा करना है। प्रधानमंत्री कार्यालय के बयान में कहा गया कि यह प्रस्ताव पूरी तरह विपक्षी सांसदों द्वारा लाया गया था। सत्ता पक्ष की लिकुड पार्टी और धार्मिक दलों ने इस बिल का समर्थन नहीं किया। केवल एक असंतुष्ट लिकुड सांसद ने, जिन्हें हाल ही में संसदीय समिति के अध्यक्ष पद से हटाया गया था, इसके पक्ष में मतदान किया। प्रधानमंत्री कार्यालय ने साफ कहा कि लिकुड के समर्थन के बिना यह बिल आगे नहीं बढ़ पाएगा। फिलहाल बिल प्रारंभिक वोटिंग में 25-24 से पास हुआ है और अब इसे विदेश मामलों और रक्षा समिति के पास भेजा गया है, जहां इसे कानून बनने के लिए तीन और चरणों से गुजरना होगा।
ट्रंप ने दी सख्त चेतावनी- ‘कब्जा हुआ तो खत्म होगा अमेरिकी समर्थन’
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि इस्राइल अगर वेस्ट बैंक का अधिग्रहण करता है, तो अमेरिका उसका समर्थन समाप्त कर देगा। टाइम पत्रिका को दिए साक्षात्कार में ट्रंप ने कहा कि उन्होंने अरब देशों को भरोसा दिया है कि अमेरिका इस्राइल के कब्जे की अनुमति नहीं देगा।  ट्रंप ने कहा कि यह नहीं होगा क्योंकि मैंने अरब देशों से वादा किया है। अगर इस्राइल ऐसा करता है तो उसे अमेरिका का समर्थन खोना पड़ेगा। उन्होंने पहले भी कहा था कि “अब बहुत हो चुका है, अब रुकने का समय है।” ट्रंप के इस बयान ने संकेत दिया कि उनका प्रशासन किसी भी नए कब्जे के खिलाफ कड़ा रुख अपनाएगा। तेल अवीव से रवाना होते वक्त अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस ने कनेसट की इस वोटिंग को बहुत मूर्खतापूर्ण राजनीतिक स्टंट बताया। उन्होंने कहा कि यह वोट न केवल इस्राइल की राजनीति में भ्रम पैदा करेगा बल्कि अमेरिका-इस्राइल संबंधों को भी प्रभावित करेगा। वेंस ने कहा कि ट्रंप प्रशासन की नीति साफ है। वेस्ट बैंक का अधिग्रहण नहीं होगा। वहीं, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी इस कदम की आलोचना की और चेतावनी दी कि इससे गाजा में हाल ही में हुए युद्धविराम को खतरा हो सकता है।
फलस्तीन की कड़ी प्रतिक्रिया, कानूनी विवाद गहराया
फलस्तीनी प्राधिकरण ने इस्राइल के इस कदम की कड़ी निंदा की और कहा कि इस्राइल को वेस्ट बैंक पर कोई संप्रभु अधिकार नहीं है। यह क्षेत्र 1967 से इस्राइल के कब्जे में है और फलस्तीन इसे अपने भविष्य के स्वतंत्र राष्ट्र का हिस्सा मानता है। अंतरराष्ट्रीय न्यायालय पहले ही कह चुका है कि वेस्ट बैंक पर इस्राइल का कब्जा अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है। यह वोटिंग ऐसे समय हुई जब अमेरिकी उपराष्ट्रपति वेंस गाजा में युद्धविराम को बनाए रखने और पुनर्निर्माण कार्यों की निगरानी के लिए इस्राइल में मौजूद थे। अपने दौरे के दौरान उन्होंने दक्षिणी इस्राइल में एक सिविल-मिलिट्री कोऑर्डिनेशन सेंटर का उद्घाटन किया, जहां करीब 200 अमेरिकी सैनिक इस्राइली सेना के साथ काम कर रहे हैं।

Related Articles

Back to top button