‘अकेले या गठबंधन में लड़े?’ कांग्रेस ने तेज की तैयारी; जिलाध्यक्षों से मांगी राय

मुंबई और महाराष्ट्र के कई शहरों में आगामी नगर निगम चुनावों को लेकर राज्यभर की सियासत में बेजोड़ गर्माहट है। राजनीतिक पार्टियों ने अपनी-अपनी तैयारी भी तेज कर दी है। इसी बीच कांग्रेस में भी इस चुनाव को लेकर हलचल तेज हो गई है। पार्टी ने राज्यभर में होने वाले नगर निगम चुनावों को लेकर अपने सभी जिला अध्यक्षों से राय मांगा है कि वे इस पर बताएं कि आने वाले चुनाव कांग्रेस को अकेले लड़ने चाहिए या गठबंधन में। कांग्रेस प्रवक्ता सचिन सावंत ने मामले में जानकारी देते हुए बताया कि अगर यह तय होता है कि चुनाव गठबंधन में लड़ना है, तो चर्चा सिर्फ ‘इंडिया गठबंधन’ के दलों के साथ ही की जाए। यानी शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट), एनसीपी (शरद पवार गुट) और अन्य सहयोगी दलों के साथ। इस दौरान सावंत ने इस बात पर भी जोर दिया कि मुंबई में कांग्रेस गठबंधन में लड़ेगी या अकेले, इस पर जल्द ही कांग्रेस का शिर्ष नेतृत्व फैसला लेगा।
राज-उद्धव के साथ आने के बीच कांग्रेस का स्टैंड
बता दें कि सावंत का यह बयान उस समय आया है जब महाराष्ट्र की राजनीति में उद्धव ठाकरे और उनके चचेरे भाई राज ठाकरे के बीच संभावित गठबंधन की चर्चा चल रही है। राज ठाकरे की पार्टी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) पहले शिवसेना से अलग हुई थी और उत्तर भारतीयों के खिलाफ अपने तीखे बयानों के लिए जानी जाती है। इसी कारण कांग्रेस के कुछ नेता मनसे के साथ किसी भी गठबंधन के पक्ष में नहीं हैं।
भाजपा को टक्कर देने के लिए कांग्रेस की रणनीति
हालांकि दूसरी ओर सूत्रों की माने तो कांग्रेस चाहती है कि मुंबई में विपक्षी दलों के बीच सीटों का बंटवारा समझदारी से किया जाए ताकि भाजपा को कड़ी टक्कर दी जा सके। गौरतलब है कि मुंबई समेत राज्य के सभी नगर निगम चुनाव जनवरी 2026 में होने की संभावना है। वहीं, नगर परिषद और नगर पंचायतों के पहले चरण का मतदान दो दिसंबर 2025 को होगा।



