Latest newsWorld news

मृतकों का आंकड़ा 146 पहुंचा-हजारों बेघर, अब तक 115 मिलियन USD की मदद; राहत-बचाव कार्य जारी

हांगकांग में पिछले हफ्ते लगी भीषण आग में कम से कम 146 लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों लोग बेघर हो गए हैं। इस बीच लोगों ने बड़ी संख्या में मदद आगे बढ़ाई है। ऐसे में अब तक करीब 900 मिलियन हांगकांग डॉलर (115 मिलियन यूएसडी) दान जमा हो चुका है। लेकिन जैसे-जैसे हादसे की जिम्मेदारी पर सवाल बढ़ रहे हैं, सरकार पर आलोचना रोकने के आरोप लग रहे हैं। आग से जले वांग फुक कोर्ट परिसर के बाहर बड़ी संख्या में लोग फूल, कार्ड और संदेश रखकर शोक व्यक्त कर रहे हैं। इतना ही नहीं स्थानीय निवासी कह रहे हैं यह समय एक-दूसरे की मदद का है। बता दें कि आग बुधवार दोपहर ताई पो इलाके के इस परिसर में लगी और आठ में से सात इमारतें जल गईं। ये इमारतें लगभग 4,600 लोगों का घर थीं। आग पर काबू पाने में लगभग दो दिन लग गए। पुलिस की टीमों ने चार इमारतों की तलाशी में 30 और शव बरामद किए, जिससे मौतों का आंकड़ा 146 तक पहुंच गया। 100 लोग अब भी लापता हैं और 79 घायल हुए हैं। मामले में सरकार और दानदाताओं ने मिलकर लगभग 1.2 बिलियन हांगकांग डॉलर की मदद जुटाई है। इस पैसे से लोगों को घर दोबारा बसाने में सहायता दी जाएगी। जरूरतमंदों को लंबे समय तक सहयोग मिलेगा। सरकार ने पीड़ितों को नगद राशि और अस्थाई रहने की व्यवस्था भी दी है। इतना ही नहीं इन पैसों से 683 लोग होटल और हॉस्टल में शिफ्ट किए गए। 1,144 लोग ट्रांजिशनल हाउसिंग में रह रहे हैं और दो आपात आश्रय केंद्र अभी खुले हैं

फायर सेफ्टी की अनदेखी?
पूरे परिसर की इमारतों पर बांस की स्कैफोल्डिंग और नायलॉन का जाल लगा था, क्योंकि बाहरी मरम्मत का काम चल रहा था। खिड़कियों को भी प्लास्टिक शीट से ढका गया था। ऐसे में अब जांच हो रही है कि क्या इससे आग और तेजी से फैली। मजदूरी विभाग ने बताया कि लोगों ने करीब एक साल से सुरक्षा की शिकायतें कर रखी थीं। जुलाई 2024 से 16 बार निरीक्षण हुए थे और कॉन्ट्रैक्टर को कई बार लिखित चेतावनी दी गई थी, आखिरी निरीक्षण हादसे से सिर्फ एक हफ्ते पहले हुआ था।

गिरफ्तारियां और बढ़ता गुस्सा
हांगकांग की एंटी-करप्शन एजेंसी ने 11 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें निर्माण कंपनी के निदेशक और इंजीनियर शामिल हैं। लेकिन लोग पूछ रहे हैं क्या सरकारी अधिकारी भी जिम्मेदार नहीं? सरकार की आलोचना करने पर भी कार्रवाई हो रही है। एक व्यक्ति, जिसने ऑनलाइन पेटिशन बनाई थी, उसे देशद्रोह के शक में गिरफ्तार किया गया। इसके साथ ही दो और लोगों को भी गिरफ्तार किया गया। विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार चीन की तरह संभावित विरोध को पहले ही रोक रही है।

Related Articles

Back to top button