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गोंदिया में बस-ट्रक की टक्कर में तीन यात्रियों की मौत, आठ गंभीर रूप से घायल

महाराष्ट्र के गोंदिया जिले में एक भीषण सड़क हादसे में तीन यात्रियों की मौत हो गई। आठ लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। पुलिस ने शुक्रवार को बताया कि दुर्घटना बृहस्पतिवार की आधी रात को राष्ट्रीय राजमार्ग-53 पर देवरी तहसील के धोबिसारद गांव के पास हुई। छत्तीसगढ़ से महाराष्ट्र के चंद्रपुर जा रही निजी बस सड़क किनारे खड़ी ट्रक से जा टकराई। पुलिस के अनुसार, रात 12:20 बजे हुई यह टक्कर इतनी भीषण थी कि बस का अगला हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। बस में 45 यात्री सवार थे। अंधेरा होने के कारण बस ड्राइवर चंद्रशेखर चौधरी खड़े ट्रक को देख नहीं पाया। पुलिस अधिकारी मुकेश राठौड़ ने बताया कि ट्रक ईंधन खत्म होने के कारण सड़क किनारे खड़ा था। मरने वालों में छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ की सुनीता हेमलाल बघेले (45) और कवर्धा के मनोज बबलू पटले (40) शामिल हैं। तीसरे मृतक की पहचान नहीं हो पाई है। गंभीर रूप से घायल 8 यात्रियों को बेहतर इलाज के लिए नागपुर रेफर किया गया है। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस टीम और लोगों की मदद से घायलों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। दुर्घटना में बस ड्राइवर के दोनों पैर टूट गए हैं।
किसी धर्म में लाउडस्पीकर के माध्यम से प्रार्थना अनिवार्य नहीं : हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर पीठ ने लाउडस्पीकर के इस्तेमाल की अनुमति देने के अनुरोध से संबंधित एक मस्जिद की याचिका खारिज करते हुए कहा कि उसे धार्मिक कार्यों को अधिकार का मामला बताकर लाउडस्पीकर इस्तेमाल करने का हक नहीं है। अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि किसी भी धर्म में ध्वनि उपकरणों का इस्तेमाल करके या ढोल बजाकर प्रार्थना करने का आदेश नहीं है। जस्टिस अनिल पंसारे और जस्टिस राज वाकोड़े की पीठ ने कहा कि ध्वनि प्रदूषण का मुद्दा बार-बार सामने आ रहा है। अदालत ने स्वत: संज्ञान लेते हुए महाराष्ट्र सरकार को एक प्रभावी समाधान प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। अदालत ने एक दिसंबर के आदेश में गोंदिया जिले की मस्जिद गौसिया की याचिका खारिज कर दी, जिसमें नमाज के लिए लाउडस्पीकर उपयोग करने की अनुमति देने का अनुरोध किया गया है। पीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता यह दिखाने के लिए कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका कि लाउडस्पीकर का उपयोग उनके धार्मिक कार्यों के लिए अनिवार्य है। लिहाजा याचिका खारिज की जाती है।

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