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भाजपा विधायक ने ऑटो रिक्शा ड्राइवर को मारा थप्पड़, वीडियो वायरल; विपक्ष भड़का

मुंबई की एक अदालत ने विधायक तुकाराम काटे, उनकी पत्नी मंगला काटे और 12 अन्य को 2009 में बीएमसी मुख्यालय में हुई झड़प और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामले में बरी कर दिया। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सत्यनारायण आर नवंदर ने 18 दिसंबर को सुनाए गए फैसले में सभी 14 आरोपियों को सबूतों के अभाव में सभी आरोपों से मुक्त किया। मामला नवंबर 2009 का है, जब पंजरपोल और चेंबूर क्षेत्रों में पानी की गंभीर किल्लत थी। उस समय मंगला काटे और उनके पति तुकाराम काटे के नेतृत्व में एक समूह बीएमसी हाइड्रोलिक इंजीनियर दिनेश गोंदालिया के कार्यालय में गया, ताकि पानी की समस्या का समाधान किया जा सके। अभियोजन के अनुसार, जब उन्हें असंतोषजनक जवाब मिला, तो विवाद ने हिंसक रूप ले गया। आरोप था कि प्रदर्शनकारियों ने नारे लगाए, कांच के शीशे तोड़े, लकड़ी की दीवारें गिराईं और कंप्यूटर सीपीयू व कुर्सियां क्षतिग्रस्त की। कोर्ट ने कहा कि किसी भी प्रदर्शनकारी का किसी सार्वजनिक सेवक को चोट पहुंचाने या मारने का कोई इरादा नहीं था। कोर्ट ने यह भी कहा कि कोई विशेष सबूत नहीं है कि किसी ने जानबूझकर बीएमसी की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। कोर्ट ने माना कि नुकसान आकस्मिक था और जानबूझकर नहीं हुआ, इसलिए सभी 14 आरोपियों को राहत दी गई। महाराष्ट्र के पालघर जिले के विरार में शनिवार को एक निजी कार्यक्रम के दौरान थोड़ी देर के लिए अफरा-तफरी मच गई, जब उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे एलीवेटर में प्रवेश नहीं कर पाए। सूत्रों के अनुसार, बड़ी संख्या में शिंदे की पार्टी शिवसेना के कार्यकर्ता उनके साथ एलीवेटर की ओर दौड़ पड़े। कई कार्यकर्ता और पदाधिकारी पहले ही एलीवेटर में प्रवेश कर गए, जिससे अधिक भीड़ और भ्रम पैदा हुआ। शिंदे जब एलीवेटर में चढ़ने का प्रयास कर रहे थे, उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई। सुरक्षा कर्मियों और होटल कर्मियों ने हस्तक्षेप किया और शिंदे के लिए जगह बनाई। बाद में पुलिस ने क्षेत्र को खाली किया और सुरक्षा बढ़ा दी। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने कहा कि स्थिति जल्द नियंत्रित कर ली गई।
मुंबई में एक व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है, जिसने कथित रूप से काला जादू रोकने का झांसा देकर महिला से 10 लाख रुपये मूल्य के आभूषण चुरा लिए। विले पार्ले पुलिस के अनुसार, आरोपी रामचंद्र सुतार ने महिला को बताया कि किसी ने उसके परिवार पर काला जादू किया है और वह कुछ अनुष्ठान कर इसे रोक सकता है। अक्तूबर में वह महिला के घर गया और पूजा के नाम पर भारी रकम ली। बाद में उसने महिला से सभी सोने के गहने एक स्टील कंटेनर में रखने के लिए कहा और कहा कि तब तक न खोले जब तक वह निर्देश न दे। जब महिला ने परिवार की शादी के लिए कंटेनर खोला, तो वह खाली था। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है और आरोपी की तलाश जारी है। महाराष्ट्र के ठाणे जिले की भिवंडी कोर्ट ने शनिवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ दायर मानहानि मामले की सुनवाई 17 जनवरी तक टाल दी। यह मामला महात्मा गांधी की हत्या को लेकर आरएसएस पर की गई उनकी टिप्पणी से जुड़ा है। जस्टिस पीएम कोलसे ने नई जमानत संबंधी औपचारिकताओं को पूरा करने का निर्देश दिया। राहुल गांधी के वकील नारायण अय्यर ने बताया कि पूर्व केंद्रीय मंत्री शिवराज पाटिल चाकूरकर इस केस में जमानतदार थे। उनका 12 दिसंबर को निधन हो गया है। इस कारण कोर्ट ने राहुल गांधी को अगली तारीख पर व्यक्तिगत रूप से पेश होने और नया जमानतदार पेश करने का आदेश दिया है। आरएसएस कार्यकर्ता राजेश कुंते ने राहुल गांधी के खिलाफ यह शिकायत दर्ज कराई है।
भाजपा विधायक ने ऑटो रिक्शा ड्राइवर को मारा थप्पड़, विपक्ष भड़का
मुंबई के घाटकोपर इलाके में एक भाजपा विधायक ने ऑटो रिक्शा चालक को थप्पड़ मार दिया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर खूब प्रसारित हो रहा है। दरअसल ऑटो रिक्शा चालक कथित तौर पर गलत दिशा से ऑटो ला रहा था, जिस पर भाजपा विधायक पराग शाह भड़क गए और बहस के बाद उन्होंने ऑटो रिक्शा चालक को थप्पड़ मार दिया। घटना घाटकोपर ईस्ट इलाके में हुई, जहां शाह और अन्य निवासी अवैध हॉकर्स और ट्रैफिक के मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। उसी दौरान ऑटो रिक्शा के गलत दिशा से आने पर विधायक और ऑटो चालक की बहस हुई और इसमें विधायक ने ऑटो चालक को थप्पड़ मार दिया। इसे लेकर विपक्ष ने भाजपा को घेर लिया है। कांग्रेस नेता वर्षा गायकवाड़ ने कहा कि भाजपा इतनी अहंकारी हो गई है कि उसके नेता गरीब ऑटो चालकों को भी नहीं छोड़ रहे हैं। कांग्रेस नेता ने भाजपा विधायक पर कानून अपने हाथ में लेने का आरोप लगाया।
मानव तस्करी, बंधुआ मजदूरी कराने के आरोप में दो फैक्ट्री मालिकों पर केस दर्ज
पुलिस ने रविवार को बताया कि महाराष्ट्र के ठाणे जिले में फूड मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के दो मालिकों के खिलाफ मज़दूरों से जबरन लंबे समय तक काम करवाने, उन्हें खाना और मजदूरी न देने और कई महीनों तक बंधक बनाकर रखने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। अंबरनाथ पुलिस ने शुक्रवार को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 143(3) (व्यक्तियों की तस्करी), 127(4) (गलत तरीके से कैद करना), 115(2) (जानबूझकर चोट पहुंचाना), और अन्य संबंधित प्रावधानों के साथ-साथ बंधुआ मज़दूरी प्रणाली (उन्मूलन) अधिनियम, 1976 के प्रावधानों के तहत एफआईआर दर्ज की। शिकायतकर्ता, उत्तर प्रदेश के 40 वर्षीय मज़दूर ने बताया है कि आरोपी निक्की उर्फ कृष्ण कुमार अग्रहरि और नितिन तिवारी शहर के लाडिनाका और भेंडीपाड़ा इलाकों में फूड मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के मालिक हैं। आरोपियों ने कथित तौर पर शिकायतकर्ता और 10 अन्य मज़दूरों को हर दिन 15 से 16 घंटे काम करने के लिए मजबूर किया। उन्हें पर्याप्त खाना नहीं दिया जाता था, और बीमार होने पर भी उन्हें काम जारी रखने के लिए मजबूर किया जाता था। मजदूरों के साथ कथित तौर पर बंधुआ मजदूरों जैसा व्यवहार किया जाता था और जब वे अपनी मजदूरी मांगते थे तो उनके साथ दुर्व्यवहार किया जाता था। पुलिस ने कहा है कि मामले की जांच चल रही है।



