स्थानीय निकाय चुनाव नतीजों में महायुति को बढ़त, विपक्ष भी कई सीटों पर मजबूत

महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनाव 2025 के तहत 23 नगर परिषदों और नगर पंचायतों के नतीजे आज घोषित किए जाएंगे। इसके साथ ही विभिन्न निकायों में खाली पड़े 143 सदस्य पदों के परिणाम भी सामने आएंगे। राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, सभी मतगणना केंद्रों पर सुबह 10 बजे से वोटों की गिनती शुरू हुई। शुरुआती रुझानों में महायुति को 150 से ज्यादा सीटों पर बढ़त मिलती दिख रही है। पहले घंटे की मतगणना के मुताबिक, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) 85 नगर परिषदों में अध्यक्ष पद पर आगे चल रही है। वहीं, एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना 41 पदों पर बढ़त बनाए हुए है और अजित पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी 32 अध्यक्ष पदों में आगे है। विपक्ष की बात करें तो शिवसेना (यूबीटी) के उम्मीदवार 10 अध्यक्ष पदों पर आगे हैं, जबकि शरद पवार गुट की एनसीपी 12 पदों में बढ़त बनाए हुए है। कांग्रेस के उम्मीदवार 16 पदों पर आगे चल रहे हैं। इसके अलावा निर्दलीय उम्मीदवार भी करीब 20 पदों पर बढ़त बनाए हुए नजर आ रहे हैं। राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, 2 दिसंबर को 263 स्थानीय निकायों में हुए चुनावों में 67.3 प्रतिशत मतदान हुआ था, जबकि दूसरे चरण में शनिवार को 23 निकायों में 47.04 प्रतिशत वोट डाले गए। मतदान का अंतिम आंकड़ा दिन में बाद में जारी किया जाएगा। चुनाव नतीजों को लेकर राजनीतिक दलों में उत्सुकता बनी हुई है, खासकर पुणे जिले की बारामती नगर परिषद और ठाणे जिले की अंबरनाथ नगर परिषद पर सबकी नजरें टिकी हैं। कई जगहों पर सत्तारूढ़ गठबंधन के दल (भाजपा, एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना और अजित पवार की एनसीपी) आपस में ही आमने-सामने हैं। वहीं, भाजपा नीत महायुति और विपक्षी महाविकास आघाड़ी (एमवीए) के बीच भी कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है, जिसमें कुछ स्थानों पर गठबंधन के भीतर ‘दोस्ताना लड़ाई’ भी नजर आ रही है।
पहले चरण में 47.51% वोटिंग
महाराष्ट्र में 263 नगर परिषद और नगर पंचायतों के पहले चरण के चुनाव के लिए मतदान शांतिपूर्वक हुआ। शाम 5.30 बजे तक वोटिंग हुई और 3.30 बजे तक 47.51% मतदान दर्ज किया गया था। इन चुनावों में 6,042 सीटों और 264 अध्यक्ष पदों के लिए वोट डाले गए। हालांकि कुछ स्थानों पर चुनाव बिना मुकाबले के संपन्न हुए। डोंडाइचा नगर परिषद और अंगार नगर पंचायत में अध्यक्ष और सदस्यों का चुनाव निर्विरोध रहा, जबकि जामनेर नगर परिषद अध्यक्ष पद के लिए भी कोई मुकाबला नहीं हुआ। राज्य निर्वाचन आयोग ने मतगणना के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं। सभी केंद्रों पर निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। शुरुआती रुझान दोपहर तक सामने आने की संभावना है, जबकि अंतिम नतीजे देर शाम तक स्पष्ट हो सकते हैं।
राजनीतिक दलों की प्रतिष्ठा दांव पर
इन निकाय चुनावों को 2025 के राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से अहम माना जा रहा है। सत्ताधारी गठबंधन और विपक्ष दोनों के लिए यह चुनाव जनसमर्थन का संकेतक माना जा रहा है। बारामती पारंपरिक रूप से राजनीतिक रूप से संवेदनशील सीट रही है, वहीं अंबरनाथ में शहरी मतदाताओं का रुझान अहम भूमिका निभाएगा।



