ईरान युद्ध के खिलाफ अपने पद से इस्तीफा देने वाले पूर्व वरिष्ठ आतंकवाद रोधी अधिकारी जो केंट की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। दरअसल उन पर शक है कि उन्होंने खुफिया जानकारी लीक की। अब अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई ने इसकी जांच शुरू कर दी है कि क्या जो केंट ने गोपनीय जानकारी को अनुचित तरीके से साझा किया था? जो केंट ने मंगलवार को ही अपने पद से इस्तीफा दिया था, उसके बाद ही यह जांच शुरू हुई।
इस्तीफे के बाद शुरू हुई जांच
केंट ने हाल ही में अमेरिका के नेशनल आतंकरोधी सेंटर के निदेशक पद से इस्तीफा दिया था। उन्होंने ईरान के साथ युद्ध को लेकर असहमति जताते हुए यह कदम उठाया था। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिकी न्याय विभाग ने पिछले एक वर्ष में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ कई जांच शुरू की हैं। इनमें पूर्व एफबीआई निदेशक जेम्स कोमी और न्यूयॉर्क की अटॉर्नी जनरल लेटेशिया जेम्स भी शामिल हैं। हालांकि, कई मामलों में अभियोजन पक्ष को अदालतों से झटका लगा है या आरोप तय कराने में मुश्किल आई है।
केंट ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई पर उठाए थे सवाल
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- जांच के दायरे में किन-किन पहलुओं की पड़ताल की जा रही है, इसकी विस्तृत जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है। केंट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा एक बयान में अपने इस्तीफे की पुष्टि करते हुए ईरान पर सैन्य कार्रवाई पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि वे अंतरात्मा की आवाज के खिलाफ जाकर ईरान के साथ युद्ध का समर्थन नहीं कर सकते।
- उन्होंने अपने बयान में लिखा कि ईरान से अमेरिका को कोई तात्कालिक खतरा नहीं था और यह युद्ध इस्राइल और उसकी प्रभावशाली अमेरिकी लॉबी के दबाव में शुरू किया गया।
- वहीं, राष्ट्रपति ट्रंप ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उन्हें हमेशा लगता था कि केंट सुरक्षा के मुद्दे पर कमजोर हैं। उन्होंने कहा कि यदि उनकी टीम में कोई ईरान को खतरा नहीं मानता, तो ऐसे लोगों की हमें जरूरत नहीं है।
- ट्रंप प्रशासन के अन्य अधिकारियों, जिनमें सीआईए निदेशक जॉन रेटक्लिफ भी शामिल हैं, ने भी केंट के बयान से दूरी बना ली है। बुधवार रात केंट से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनकी ओर से कोई जवाब नहीं मिला।