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पश्चिम एशिया संकट को लेकर PM मोदी करेंगे उच्च स्तरीय बैठक, ऊर्जा-खाद की आपूर्ति पर हो सकती है चर्चा

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शाम एक अहम बैठक करेंगे। इस बैठक में वरिष्ठ मंत्री शामिल होंगे। सूत्रों के अनुसार, बैठक का मुख्य उद्देश्य देश में पेट्रोलियम, बिजली और खाद (फर्टिलाइजर) की स्थिति की समीक्षा करना है। सरकार चाहती है कि देश में इन जरूरी चीजों की सप्लाई बिना किसी रुकावट के चलती रहे।

तनाव के चलते सप्लाई पर बुरा पड़ा असर
पश्चिम एशिया के हालात लगातार बदल रहे हैं। अमेरिका और इस्राइल के ईरान पर हमलों के बाद तनाव काफी बढ़ गया है। ईरान ने भी इस्राइल और अपने कुछ पड़ोसी देशों पर पलटवार किया है। इस युद्ध का सीधा असर दुनिया भर की ऊर्जा सप्लाई पर पड़ा है। ईरान ‘हॉर्मुज जलडमरूमध्य’ वाले समुद्री रास्ते को नियंत्रित करता है। दुनिया की 20 प्रतिशत ऊर्जा इसी रास्ते से होकर गुजरती है। युद्ध की वजह से ईरान ने यहां से बहुत कम जहाजों को निकलने की अनुमति दी है। इस रुकावट से भारत समेत कई देशों में ऊर्जा की सप्लाई पर बुरा असर पड़ा है। प्रधानमंत्री मोदी ने 12 मार्च को भी कहा था कि पश्चिम एशिया के युद्ध ने पूरी दुनिया में ऊर्जा संकट पैदा कर दिया है। उन्होंने इस स्थिति से निपटने के लिए शांति, धैर्य और जन जागरूकता पर जोर दिया है। केंद्र सरकार अंतरराष्ट्रीय सप्लाई चेन में आई बाधाओं को दूर करने के लिए लगातार कोशिश कर रही है। सरकार का मुख्य लक्ष्य आम जनता और उद्योगों के हितों की रक्षा करना है।

पीएम मोदी ने कई देशों के प्रतिनिधियों से की है बात
संकट शुरू होने के बाद से प्रधानमंत्री मोदी ने कई देशों के नेताओं से फोन पर बात की है। उन्होंने सऊदी अरब, यूएई, कतर, बहरीन, कुवैत, जॉर्डन, फ्रांस, मलेशिया, इस्राइल और ईरान के नेताओं से चर्चा की है। सरकार हर वैश्विक घटनाक्रम पर बारीकी से नजर रख रही है ताकि देश में रसद (लॉजिस्टिक्स) और वितरण व्यवस्था मजबूत बनी रहे। प्रधानमंत्री ने साफ किया है कि इस कठिन समय में देश को एकजुट होकर परिस्थितियों का सामना करना होगा।

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