‘PAK आर्मी चीफ मुनीर और ट्रंप की मुलाकात कूटनीतिक झटका’, कांग्रेस ने केंद्र सरकार से पूछा तीखा सवाल

पाकिस्तानी सेना के प्रमुख और पदोन्नति के बाद अब फील्ड मार्शल बन चुके आसिम मुनीर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात करेंगे। कांग्रेस ने एक बार फिर पाकिस्तान और अमेरिका के बीच हो रहे इस व्यवहार को भारत की कूटनीतिक के लिए झटका बताया है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ने केंद्र सरकार से तीखे सवाल पूछे हैं। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में अमेरिका और भारत के रिश्ते पर टिप्पणी की। दरअसल, जैसे ही पाकिस्तानी सेना के चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ (सीओएएस) फील्ड मार्शल आसीम मुनीर और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की मुलाकात की खबरें आईं, कांग्रेस पार्टी ने केंद्र सरकार पर एक बार निशाना साधा। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में बीते 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले का जिक्र करते हुए एक्स पर लिखा, मुनीर वही व्यक्ति है जिसकी भड़काऊ, आग लगाने वाली और उत्तेजक टिप्पणी के बाद पहलगाम में आतंकी हमले हुए। आज वही मुनीर व्हाइट हाउस में राष्ट्रपति ट्रंप के साथ दोपहर का भोजन करेगा। कांग्रेस महासचिव ने केंद्र सरकार से सवाल किया, क्या यही वजह है कि राष्ट्रपति ट्रंप ने एक दिन पहले ही जी 7 शिखर सम्मेलन छोड़ दिया और पीएम नरेंद्र मोदी को गले लगाने से भी इनकार कर दिया गया? बकौल कांग्रेस महासचिव, राष्ट्रपति ट्रंप ने खुद 14 बार दावा किया है कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम कराया। इसका सीधा मतलब है कि भारतीय सेना के ऑपरेशन सिंदूर को रोकने के पीछे ट्रंप ही हैं।
उन्होंने कहा कि अमेरिकी रक्षा विभाग की अहम इकाई- यूएस सेंट्रल कमांड (USCENTCOM) के प्रमुख जनरल माइकल कुरिल्ला के बयान को भी रेखांकित किया। कांग्रेस सांसद जयराम रमेश के मुताबिक कुरिल्ला ने आतंकवाद विरोधी अभियानों में पाकिस्तान को एक ‘अभूतपूर्व’ साझेदार बताया है। उनका ऐसा करना भारत में हुए ‘नमस्ते ट्रंप’ और अमेरिका में हुए ‘हाउडी मोदी’ जैसे कार्यक्रमों के लिए भी झटका है! उन्होंने कहा कि भारतीय कूटनीति बिखर रही है, और पीएम मोदी खामोश हैं। जयराम रमेश ने भारत की विदेश नीति को भी कटघरे में खड़ा किया और पड़ोसी देश चीन के साथ रिश्ते को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने लिखा, ‘कल चीन को उनकी (पीएम मोदी) तरफ से क्लीन चिट दिए जाने की पांचवीं वर्षगांठ है।’ANI
इससे पहले एक अन्य बयान में कनाडा में आयोजित जी7 देशों का शिखर सम्मेलन छोड़कर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का अचानक अमेरिका लौटने का जिक्र करते हुए रमेश ने लिखा, ‘ट्रंप ने जी-7 शिखर सम्मेलन को एक दिन पहले ही छोड़ दिया। भारत सहित आठ अन्य देशों का जी-7 शिखर सम्मेलन शुरू होने वाला है। यह स्वयंभू विश्वगुरु की हग्लोमेसी के लिए एक झटका है।’ बता दें कि पीएम मोदी के वैश्विक नेताओं से मुलाकात करने के तरीके (अक्सर गले लगाकर अभिवादन करना) पर तंज कसने के लिए कांग्रेस कूटनीति यानी डिप्लोमेसी की तर्ज पर ही हग्लोमेसी शब्द का इस्तेमाल करती है।



