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कोहली की जगह किसे आरसीबी का कप्तान बनाना चाहते थे नेहरा और कर्स्टन? इस पूर्व खिलाड़ी ने किया खुलासा

पार्थिव पटेल ने मोईन अली के उन दावों की पुष्टि की है जिनमें कहा गया था कि रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) पहले ही विराट कोहली को कप्तानी से हटाने की तैयारी में थी। पूर्व भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज ने खुलासा करते हुए कहा कि उन्हें फ्रेंचाइजी का नया कप्तान बनाया जाना तय था, लेकिन नेतृत्व में कोई बदलाव नहीं हुआ और इसके बजाय वह लोग ही हटा दिए गए जिन्होंने उन्हें यह प्रस्ताव दिया था।
आरसीबी के कोचिंग स्टाफ का हिस्सा थे नेहर और कर्स्टन
पार्थिव ने बताया कि आशीष नेहरा और गैरी कर्स्टन ने उन्हें सूचित किया था कि वह विराट की कप्तानी का जिम्मा संभालेंगे। मालूम हो कि नेहरा 2018 और 2019 में फ्रेंचाइजी के गेंदबाजी कोच थे, जबकि कर्स्टन आरसीबी के मुख्य कोच थे। 2019 के सीजन में आरसीबी अंक तालिका में सबसे नीचे रही थी, जिसके बाद दोनों को हटा दिया गया और 2020 के अभियान से माइक हेसन और साइमन कैटिच ने कोचिंग की कमान संभाली।
मोईन अली पर भी किया गया था विचार?
पार्थिव ने यह भी बताया कि मोईन अली पर भी कप्तानी के लिए विचार किया गया था, लेकिन इस रेस में वह आगे निकल गए थे। आकाश चोपड़ा के साथ यूट्यूब चैनल पर पार्थिव ने कहा, मैंने कभी इसके बारे में बात नहीं की, लेकिन मोईन अली ने एक इंटरव्यू में इसका जिक्र किया था कि मुझसे कहा गया था, ‘तैयार रहना, हम अगले साल के लिए ऐसा (कप्तानी) सोच रहे हैं।’ लेकिन अगले साल जिन दो लोगों ने मुझे यह ऑफर दिया था (आशीष नेहरा और गैरी कर्स्टन), उन्हें बदल दिया गया, नए कोच आ गए और मुझे उस पूरे सीजन में एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला। पार्थिव 2020 के सीजन में आरसीबी के लिए एक भी मैच नहीं खेल पाए क्योंकि एबी डिविलियर्स ने विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी संभाल ली थी और देवदत्त पडिक्कल ने कोहली के सलामी जोड़ीदार के रूप में उनकी जगह ली थी। यह बदलाव कारगर साबित हुआ क्योंकि आरसीबी की फ्रेंचाइजी 2016 के बाद पहली बार प्लेऑफ में पहुंची थी। 2020 के सीजन के अंत में पार्थिव ने क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास की घोषणा कर दी, जिसका मतलब था कि आईपीएल में उनका आखिरी मैच 2019 में ही था। अपने करियर के दौरान, उनके आरसीबी के साथ दो कार्यकाल (2014, 2018-2020) रहे और उन्होंने चेन्नई सुपर किंग्स (2008-2010), कोच्चि टस्कर्स (2011), डेक्कन चार्जर्स (2012), सनराइजर्स हैदराबाद (2013) और मुंबई इंडियंस (2015-2017) के लिए भी उन्होंने खेला। मुंबई फ्रेंचाइजी को 2015 और 2017 में खिताब जिताने में उन्होंने अहम भूमिका निभाई थी।
पार्थिव ने यह भी बताया कि मोईन अली पर भी कप्तानी के लिए विचार किया गया था, लेकिन इस रेस में वह आगे निकल गए थे। आकाश चोपड़ा के साथ यूट्यूब चैनल पर पार्थिव ने कहा, मैंने कभी इसके बारे में बात नहीं की, लेकिन मोईन अली ने एक इंटरव्यू में इसका जिक्र किया था कि मुझसे कहा गया था, ‘तैयार रहना, हम अगले साल के लिए ऐसा (कप्तानी) सोच रहे हैं।’ लेकिन अगले साल जिन दो लोगों ने मुझे यह ऑफर दिया था (आशीष नेहरा और गैरी कर्स्टन), उन्हें बदल दिया गया, नए कोच आ गए और मुझे उस पूरे सीजन में एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला। पार्थिव 2020 के सीजन में आरसीबी के लिए एक भी मैच नहीं खेल पाए क्योंकि एबी डिविलियर्स ने विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी संभाल ली थी और देवदत्त पडिक्कल ने कोहली के सलामी जोड़ीदार के रूप में उनकी जगह ली थी। यह बदलाव कारगर साबित हुआ क्योंकि आरसीबी की फ्रेंचाइजी 2016 के बाद पहली बार प्लेऑफ में पहुंची थी। 2020 के सीजन के अंत में पार्थिव ने क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास की घोषणा कर दी, जिसका मतलब था कि आईपीएल में उनका आखिरी मैच 2019 में ही था। अपने करियर के दौरान, उनके आरसीबी के साथ दो कार्यकाल (2014, 2018-2020) रहे और उन्होंने चेन्नई सुपर किंग्स (2008-2010), कोच्चि टस्कर्स (2011), डेक्कन चार्जर्स (2012), सनराइजर्स हैदराबाद (2013) और मुंबई इंडियंस (2015-2017) के लिए भी उन्होंने खेला। मुंबई फ्रेंचाइजी को 2015 और 2017 में खिताब जिताने में उन्होंने अहम भूमिका निभाई थी।



