‘डर नहीं, विश्वास जरूरी’, आर्थिक मोर्चे पर चुनौतियों के बीच वित्त मंत्री का बड़ा बयान

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश की अर्थव्यवस्था को लेकर महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने कहा कि भारत में कुछ लोग डर फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्हें ऐसा करने की बजाय लोगों में विश्वास जगाना चाहिए। वित्त मंत्री ने पश्चिम एशिया संकट के बीच अपनी उपलब्धियों को कम आंकने वालों पर भी टिप्पणी की।
रिकॉर्ड जीएसटी कलेक्शन और शानदार क्रेडिट ग्रोथ
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के अनुसार, वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था की रफ्तार काफी मजबूत बनी हुई है। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए देश का सकल जीएसटी (GST) कलेक्शन 8.3 प्रतिशत की सालाना वृद्धि के साथ 22 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गया है। बैंकिंग क्षेत्र का समर्थन भी लगातार मिल रहा है, जिसके तहत रिटेल कर्ज (18.1%), कृषि कर्ज (15.5%) और एमएसएमई क्षेत्र के कर्ज (18.2%) में शानदार वृद्धि दर्ज की गई है। इसके अलावा, ट्रैक्टर, यात्री वाहन और दोपहिया वाहनों की बढ़ती बिक्री के साथ-साथ सरकारी बैंकों के घटते एनपीए (NPA) जैसी बातें मजबूत घरेलू मांग और आर्थिक स्थिरता का स्पष्ट संकेत दे रही हैं।
भव्य योजना से मैन्युफैक्चरिंग को बड़ा बूस्टर
आर्थिक विकास की इसी गति को औद्योगिक बुनियादी ढांचे का साथ देने के लिए केंद्र सरकार ने 33,660 करोड़ रुपये की ‘भव्य’ (BHAVYA) योजना के तहत काम शुरू कर दिया है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि पहले चरण में 50 नए प्लग-एंड-प्ले इंडस्ट्रियल पार्क स्थापित करने के लिए राज्यों से अगले चार महीनों के भीतर आवेदन मांगे गए हैं। इस योजना के तहत 100 से 1,000 एकड़ (पहाड़ी राज्यों में 25 एकड़) के पार्क विकसित किए जाएंगे, जिसके बुनियादी ढांचे के लिए सरकार प्रति एकड़ एक करोड़ रुपये तक की वित्तीय सहायता देगी। अगले तीन वर्षों में इन शुरुआती 50 पार्कों के पूरी तरह से चालू होने की उम्मीद है, जिसका सीधा फायदा एमएसएमई, स्टार्टअप्स और तैयार इंफ्रास्ट्रक्चर की तलाश कर रहे वैश्विक निवेशकों को मिलेगा।



