लोहार चॉल में टैक्सी स्टैंड के लिए आरटीओ ने नहीं जारी की कोई नोटिस
आरटीओ के पत्र से खुलासा; शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं, विभाग एक-दूसरे पर डाल रहे जिम्मेदारी

सीताराम मेवाती – मुंबई
दक्षिण मुंबई के व्यस्त व्यावसायिक क्षेत्र लोहार चॉल में संचालित कथित टैक्सी स्टैंड को लेकर प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) द्वारा जारी एक आधिकारिक पत्र में स्पष्ट किया गया है कि संबंधित स्थान पर टैक्सी स्टैंड स्थापित करने अथवा उसके लिए किसी प्रकार की नोटिस जारी नहीं की गई है। इसके बावजूद उक्त स्थान पर टैक्सी स्टैंड का बोर्ड लगा हुआ है और वहां टैक्सियों की आवाजाही जारी है।
लोहार चाल मार्किट में स्थित पाठक वाड़ी कॉर्नर, बेस्ट पोल क्रमांक LTM/16/5 के पास संचालित इस कथित टैक्सी स्टैंड को लेकर स्थानीय व्यापारी और नागरिक लंबे समय से शिकायतें करते आ रहे हैं। आरटीओ के पत्र के सामने आने के बाद अब यह प्रश्न और गंभीर हो गया है कि जब संबंधित प्राधिकरण ने किसी प्रकार की अनुमति या नोटिस जारी नहीं की, तो वहां टैक्सी स्टैंड का संचालन किस आधार पर किया जा रहा है।
स्थानीय व्यापारियों का आरोप है कि यहां खड़ी कुछ टैक्सियों का उपयोग यात्रियों के परिवहन के बजाय माल ढुलाई के लिए किया जाता है, जिससे यातायात प्रभावित होता है और सड़क सुरक्षा संबंधी चिंताएं बढ़ती हैं। उनका कहना है कि सड़क पर अनियमित रूप से खड़े वाहनों के कारण क्षेत्र में अक्सर यातायात बाधित होता है और व्यापारिक गतिविधियां भी प्रभावित होती हैं।
नागरिकों और व्यापारियों का आरोप है कि उन्होंने इस मामले को लेकर बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी), एल.टी. मार्ग पुलिस स्टेशन, ट्रैफिक विभाग तथा डीसीपी ट्रैफिक कार्यालय को कई बार लिखित शिकायत भेजीं, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि संबंधित विभाग मामले को एक-दूसरे के अधिकार क्षेत्र का विषय बताकर जिम्मेदारी से बचते रहे हैं। परिणामस्वरूप शिकायतों का निस्तारण नहीं हो पाया और समस्या जस की तस बनी हुई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि आरटीओ स्वयं यह स्पष्ट कर चुका है कि उक्त स्थान के लिए कोई नोटिस या अनुमति जारी नहीं की गई है, तो संबंधित विभागों को संयुक्त रूप से जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। नागरिकों ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर यह पता लगाया जाए कि टैक्सी स्टैंड का बोर्ड किसकी अनुमति से लगाया गया और यदि किसी प्रकार की नियम-विरुद्ध गतिविधि पाई जाती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
आरटीओ के आधिकारिक पत्र के बाद अब स्थानीय नागरिकों की निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं। उनका कहना है कि सार्वजनिक मार्गों पर नियमों का पालन सुनिश्चित करना संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है और इस मामले में शीघ्र कार्रवाई से ही लोगों का प्रशासन पर विश्वास कायम रह सकेगा।



