इस उपाय से 50 फीसदी तक कम कर सकते हैं लिवर की बीमारियों का खतरा, आज से ही करें शुरुआत

लिवर की बीमारियों का खतरा हाल के वर्षों में काफी तेजी से बढ़ा है। ये सभी उम्र के लोगों को प्रभावित करने वाली बीमारी है। कम उम्र के लोगों में बढ़ती फैटी लिवर की समस्या हो या फिर शराब और अन्य गड़बड़ आदतों के कारण लिवर सिरोसिस और लिवर कैंसर के मामले, इन सभी के कारण स्वास्थ्य सेवाओं पर अतिरिक्त दबाव भी बढ़ता जा रहा है। लिवर की बीमारियों के बारे में जागरूकता बढ़ाने और इससे बचाव को लेकर लोगों को शिक्षित करने के उद्देश्य से हर साल 19 अप्रैल को विश्व लिवर दिवस मनाया जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, लाइफस्टाइल और खान-पान की गड़बड़ी ने लिवर की सेहत को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। यही वजह है कि कम उम्र में ही लोगों को लिवर की बीमारी हो रही है। क्या कोई ऐसा तरीका है जिससे आप अपने जोखिमों कम को कर सकते हैं? लिवर की बीमारी, इसके खतरे और बचाव के बारे में अमर उजाला से बातचीत में लखनऊ स्थित एक अस्पताल में गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ सुरभि अस्थाना बताती हैं, अगर कम उम्र से ही आहार संबंधी आदतों में सुधार कर लिया जाए तो लिवर की बीमारियों के जोखिम को 50 प्रतिशत तक कम कर सकते हैं। शहरी और ग्रामीण इलाकों, हर जगह पर लिवर रोगों के मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है, इससे बचाव के लिए पौष्टिक और संतुलित आहार लेना सबसे अच्छा तरीका है। डॉक्टर ने कहा कि लिवर की बीमारी अब सिर्फ शराब के कारण होने वाली समस्या तक सीमित नहीं हैं। नॉन अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज (एनएएफएलडी) जैसे मामले उन लोगों में हो रहे हैं जो शराब नहीं पीते हैं। अस्वास्थ्यकर खान-पान, मोटापे और व्यायाम की कमी इसकी मुख्य वजह है। लिवर की बीमारी और इसके खतरे को लेकर किए गए एक हालिया अध्ययन की रिपोर्ट में भी शोधकर्ताओं ने बताया कि लिवर को स्वस्थ रखने में आहार की महत्वपूर्ण भूमिका है। फ्रंटियर्स इन न्यूट्रिशन जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन की रिपोर्ट में शोधकर्ताओं ने लिवर को स्वस्थ रखने के तरीकों के बारे में बताया। यूके बायोबैंक में 1.21 लाख से अधिक प्रतिभागियों के डेटा का विश्लेषण करते हुए, शोधकर्ताओं ने पाया कि जिन्होंने एंटी-इंफ्लेमेटरी आहार का सेवन किया उनमें क्रोनिक लीवर रोग होने का खतरा 16 प्रतिशत कम था। आहार में हरी सब्जियों-फलों और नट्स की मात्रा को बढ़ाकर आप लिवर को स्वस्थ रख सकते हैं।

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