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‘सेना को राजनीति में घसीटकर दुश्मनी भड़काना चाहते हैं’, राहुल गांधी के बयान पर भाजपा का पलटवार

राहुल गांधी ने अपने एक ताजा बयान में सेना को लेकर विवादित बयान दिया है। राहुल गांधी ने कहा कि देश की सेना 10 प्रतिशत आबादी के नियंत्रण में है। राहुल गांधी के इस बयान पर विवाद हो गया है। भाजपा ने राहुल गांधी के इस बयान को लेकर उन्हें घेर लिया है और नेता विपक्ष पर देश में ध्रुवीकरण को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। भाजपा ने कहा कि राहुल गांधी को अपने बयान के लिए सेना से बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए।

‘राष्ट्रीय एकता को कमजोर करने की कोशिश’
भाजपा प्रवक्ता सीआर केसवन ने राहुल गांधी के बयान को लेकर कहा कि ‘राहुल गांधी की टिप्पणी बांटने वाली है। वे हमारी सेना को खुलेआम राजनीति में घसीटकर, दुश्मनी और अविश्वास पैदा करना चाहते हैं। यह हमारी राष्ट्रीय एकता को कमजोर करने की एक बहुत ही खतरनाक कोशिश है। राहुल गांधी की टिप्पणी बेहद निदंनीय है और उनकी इन बातों ने सेना की इज्जत को ठेस पहुंचाई है। राहुल गांधी LoP (नेता विपक्ष) हैं, लेकिन वह ध्रुवीकरण के नेता (Leader of Polarisation) की तरह बोलते और काम करते हैं।’ भाजपा ने कहा कि ‘आज राहुल गांधी की दोपहर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस है। उन्हें हमारी बहादुर सेना से बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए। लेकिन आप राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी से और क्या उम्मीद कर सकते हैं, क्योंकि राहुल गांधी और कांग्रेस हमारी सेना को बेइज्जत करने के मामले में बार-बार ऐसा करते रहे हैं।’

राहुल गांधी ने क्या कहा, जिस पर विवाद हुआ
मंगलवार को बिहार चुनाव के पहले चरण के प्रचार का आखिरी दिन था। इस दौरान राहुल गांधी ने कुटुंबा में एक चुनावी रैली के दौरान कहा कि ‘अगर आप गौर से देखें तो देश की 90 प्रतिशथ आबादी दलित, महादलित, पिछड़ी, अति-पिछड़ी और अल्पसंख्यक समुदाय की है। देश के 90 प्रतिशत लोग समाज के सबसे पिछड़े और आदिवासी तबके से आते हैं।’ राहुल गांधी ने आगे कहा कि ‘अगर आप भारत की 500 बड़ी कंपनियों की सूची देखें तो आपको उनमें पिछड़े और दलित समुदाय का कोई व्यक्ति नहीं मिलेगा। वे सभी शीर्ष 10 फीसदी से आती हैं। सारी नौकरियां उन्हीं के पास जाती हैं। सशस्त्र बलों पर उनका नियंत्रण है। बाकी 90 फीसदी आबादी का कहीं भी प्रतिनिधित्व नहीं मिलेगा।’

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