सुरक्षा घेरा तोड़ शिकार करती हैं डॉल्फिन, बुद्धिमत्ता से लाखों मछलियों को बना लेती हैं शिकार

गहरे नीले सागर की लहरों के नीचे एक अद्भुत दृश्य आकार लेता है, जहां सैकड़ों मछलियां गोलाकार झुंड में एक साथ सिमटती हैं और उनके चारों ओर शिकारी जीवों का मेला लग जाता है। यह झुंड तब बनता है जब छोटे आकार की मछलियां, डॉल्फिन, ट्यूना, शार्क और समुद्री पक्षियों जैसे शिकारियों से बचने के लिए एक घनाकार समूह में सिमट जाती हैं। इस अद्भुत दृश्य को फ्यूरिस्मो अजोरेस एडवेंचर्स की वैज्ञानिक लौरा गोंजालेज गार्सिया प्रकृति की उत्कृष्ट अभिव्यक्ति बताती हैं। गार्सिया कहती हैं कि यह कोई विशाल समुद्री जीव नहीं बल्कि लाखों मछलियों का सघन झुंड होता है जिसे वैज्ञानिक भाषा में बेट बॉल कहा जाता है। बेट बॉल का खेल समुद्र का सामूहिक नृत्य है जहां भय के बीच बुद्धिमत्ता से जीवित रहने की दृढ़ इच्छा शक्ति का प्रदर्शन होता है। लेकिन यह सामूहिक सुरक्षा हमेशा सफल नहीं होती। बुद्धिमान डॉल्फिन इस व्यवस्था को अपने पक्ष में बदल देती हैं। वे समूह बनाकर ‘बेट बॉल’ को घेर लेती हैं और झुंड में घुसकर अपना शिकार करती हैं।
क्या व्हेल डॉल्फिन का शिकार करती हैं?
समुद्री वैज्ञानिकों का कहना है कि बेलीन व्हेल डॉल्फिन का शिकार नहीं करतीं। इनका भोजन मुख्य रूप से क्रिल, प्लवक और छोटी मछलियां होती हैं। हंपबैक जैसी व्हेल डॉल्फिन के साथ खेलती हैं, लेकिन उन्हें नुकसान नहीं पहुंचातीं। इसके विपरीत, ऑर्का (किलर व्हेल) जैसी दांतेदार प्रजातियां कभी-कभी डॉल्फिन पर हमला कर सकती हैं। विशेषज्ञ बताते हैं कि व्हेल और डॉल्फिन का साथ खेलना या शिकार के दौरान मेलजोल पहले भी दुर्लभ मौकों पर देखा गया है। लेकिन पहले ये घटनाएं बिखरे हुए किस्सों या छिटपुट रिपोर्टों तक सीमित थीं। मौजूदा स्टडी से स्पष्ट हुआ कि ऐसा मेलजोल पहले से बढ़ा है तथा जलीय जीवों के बीच आपसी मेल मुलाकात का एक अद्भुत उदाहरण भी है।
व्हेल और डॉल्फिन का संपर्क से मजबूत होगा अस्तित्व
समुद्री जीव वैज्ञानिकों के अनुसार अगर व्हेल और डॉल्फिन परस्पर लाभ के लिए संपर्क करती हैं, तो यह उनके सहजीवी संबंध का संकेत है, जो कई तरह से उनके अस्तित्व को मजबूती दे सकता है।



