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ग्रामीण परिवारों के आहार में इस पोषक तत्व की भारी कमी, संपूर्ण स्वास्थ्य पर पड़ रहा इसका गंभीर असर

अच्छी सेहत के लिए खान-पान और दिनचर्या दोनों को ठीक रखना सबसे जरूरी माना जाता है। आप क्या खाते हैं, कैसी लाइफस्टाइल है इसका स्वास्थ्य पर सीधा असर होता है। यही कारण है कि सभी लोगों को लगातार ऐसे आहार के सेवन की सलाह दी जाती रही है, जिससे शरीर के लिए आवश्यक सभी पोषक तत्वों की पूर्ति हो सके। हालांकि आहार में गड़बड़ी और पोषक तत्वों की बढ़ती कमी को लेकर सामने आई एक हालिया रिपोर्ट गंभीर चिंता बढ़ाने वाली है।
इंटरनेशनल फूड पॉलिसी रिसर्च इंस्टीट्यूट सहित दो अन्य संस्थानों द्वारा किए गए अध्ययन की रिपोर्ट में भारतीय आबादी, विशेषकर ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों के आहार में पोषक तत्वों की कमी को लेकर सावधान किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक ग्रामीण भारतीय परिवारों के आहार में प्रोटीन की भारी कमी देखी गई है, जिसके कारण गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के विकसित होने का जोखिम बढ़ सकता है। जागरूकता की कमी और गरीबी के कारण लोगों को पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन नहीं मिल पाता है, जोकि काफी चिंताजनक है।

अध्ययन की रिपोर्ट में कहा गया है कि पोषक तत्वों के सेवन और इससे होने वाले लाभ के बारे में जागरूकता न होने के कारण लोग प्रोटीन वाली चीजों का सेवन कम करते हैं।ग्रामीण क्षेत्रों में दालें, डेयरी, अंडे और मांस जैसे पर्याप्त प्रोटीन युक्त खाद्य-पेय पदार्थ का उत्पादन और इसकी पर्याप्तता में कोई कमी नहीं है।

  • आर्थिक रूप से कमजोरी आबादी वाले कुछ लोगों को छोड़ दिया जाए तो सभी लोग प्रोटीन को आहार में आसानी से शामिल भी कर सकते हैं।
  • हालांकि सबसे बड़ी चिंता की बात ये है कि लोगों को इसकी जरूरत के बारे में ही ज्यादा जानकारी नहीं है। देश के छह राज्यों के नौ जिलों में विशेषज्ञों की टीम ने इसका विश्लेषण किया। इसमें पाया गया कि ग्रामीणों का आहार मुख्य रूप से चावल और गेहूं जैसे अनाजों पर आधारित है जो उनके दैनिक प्रोटीन की कुछ हद तक पूर्ति करता है। हालांकि, इनमें शरीर के लिए जरूरी सभी अमीनो एसिड नहीं होते, जिसकी वजह से पोषण संतुलन प्रभावित होता है। अध्ययन के मुताबिक, पोषण संतुलन प्रभावित होने की वजह कुछ मामलों में आर्थिक बाधाएं, सांस्कृतिक मान्यताएं और बड़े स्तर पर पोषण की जानकारी का अभाव है।
अच्छी सेहत के लिए जरूरी है पर्याप्त प्रोटीन
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, एक आदर्श और स्वास्थ्यवर्धक आहार में 20-25 फीसदी प्रोटीन, 65% कार्बोहाइड्रेट और 10-15 फीसदी वसा होनी चाहिए।
  • प्रोटीन हमारे शरीर के लिए बहुत आवश्यक पोषक तत्व है जो शरीर को संरचना और ताकत प्रदान करता है।
  • ये कई प्रकार के जरूरी एंजाइम्स और हार्मोन के उत्पादन के लिए भी आवश्यक माना जाता है।
  • अगर आपके शरीर में प्रोटीन की कमी है या आप प्रोटीन वाली चीजें बहुत कम खाते हैं तो इसके कई दुष्प्रभाव हो सकते हैं। प्रोटीन की कमी कुपोषण का कारण बन सकती है। इसके अलावा जिन लोगों में लंबे समय तक प्रोटीन की कमी बनी रहती है उन्हें बालों के झड़ने, शरीर कमजोर होने, अक्सर बीमार रहने या गंभीर संक्रमण का खतरा हो सकता है। ये आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी काफी कमजोर करने वाली स्थिति हो सकती है।
Protein Deficiency in Rural India know its causes and health effects in hindi
आहार विशेषज्ञ बताते हैं औसत रूप से हर व्यक्ति को 0.75 ग्राम प्रति किग्रा बॉडी वेट के हिसाब से प्रोटीन की जरूरत होती है। 50 वर्ष से अधिक उम्र वालों के लिए यह मात्रा 1 ग्राम प्रति किग्रा होती है। इसको ऐसे समझा जा सकता है कि अगर आपका वजन  75 किलोग्राम है तो आपको 60-62 ग्राम प्रोटीन लेना जरूरी है। आहार में कुछ चीजों को शामिल करके जैसे अंडे, बादाम, दूध, हरी सब्जियों से इसकी पूर्ति की जा सकती है। पशु आधारित आहार जैसे मीट-अंडे प्रोटीन का सबसे अच्छा स्रोत होते हैं, पर हाल के कई अध्ययनों में इस बात पर जोर दिया जाता रहा है कि प्लांट बेस्ड चीजों से पोषक तत्व प्राप्त करना आपके लिए ज्यादा लाभकारी हो सकता है।
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