दो आईसीसी ट्रॉफी दिलाने वाले पहले भारतीय कोच बने गौतम, आलोचकों को दिया जवाब

खिलाड़ी के तौर पर चमकने के बाद गौतम गंभीर मुख्य कोच के तौर पर भी खुद को साबित कर रहे हैं। 2024 में टी20 विश्व कप का खिताब जीतने के बाद राहुल द्रविड़ का कार्यकाल समाप्त हो गया था और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने टीम की जिम्मेदारी गंभीर को सौंपी थी। गंभीर का मेंटर के तौर पर आईपीएल फ्रेंचाइजी कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) के साथ कार्यकाल बेहद सफल रहा था, लेकिन जब से उन्हें राष्ट्रीय टीम का जिम्मा सौंपा गया, तभी से उनके फैसलों पर लगातार सवाल उठते रहे। गंभीर ने टी20 विश्व कप 2024 के बाद मुख्य कोच के रूप में पदभार संभाला था और पहले ही दिन से उन्होंने कड़े फैसले लेकर अपने इरादे जाहिर कर दिए थे। गंभीर पर पक्षपात करने के आरोप लगे और उनकी नीतियों पर सवाल भी खड़े किए गए, लेकिन इससे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ा और वह नियमित रूप से अपना काम करते रहे। गंभीर के कार्यकाल में भारतीय टेस्ट टीम का प्रदर्शन उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा है और टीम घरेलू मैदान पर भी जीत हासिल नहीं कर पा रही है, लेकिन सीमित ओवर में उन्हें सफलताएं मिली है। गंभीर राहुल द्रविड़ के सफल कार्यकाल के बाद इस पद पर आए थे। उनके सामने कड़ी चुनौतियां थी। गंभीर की शैली द्रविड़ से काफी अलग थी और ऐसी चर्चा होनी शुरू हो गई थी कि उनके विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे सीनियर खिलाड़ियों से रिश्ते क्या बेहतर रहेंगे? कम समय में ही गंभीर के कार्यकाल की आलोचना होने लगी और उनकी शैली पर भी सवाल खड़े किए गए।



