केरल में 9 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव में अब एक महीने से भी कम का समय शेष रह गया है। इससे पहले राज्यभर में सियासत सातवें आसमान पर पहुंच गया है। आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति के बीच सभी दलों ने अपनी-अपनी तैयारी भी तेज कर दी है। इसी क्रम में केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने कांग्रेस नेताओं राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के प्रभाव को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि जहां-जहां ये नेता काम कर रहे हैं, वहां कांग्रेस को कोई खास बढ़त नहीं मिली है। इसलिए उनके केरल आने से भी पार्टी को कोई बड़ा फायदा नहीं होगा। सीएम विजयन ने कहा कि कुछ नेता निजी महत्वाकांक्षा के चलते माकपा के खिलाफ जा रहे हैं, जो गंभीर मामला है। उन्होंने ऐसे नेताओं को क्लास ट्रेटर (दल के गद्दार) बताया और पार्टी कार्यकर्ताओं से उनके साथ सहयोग न करने को कहा। हालांकि, उन्होंने भरोसा जताया कि इससे वाम लोकतांत्रिक मोर्चा को कोई नुकसान नहीं होगा और सभी सीटों पर जीत मिलेगी।
दोहरी नीति के आरोपों पर भी दी सफाई
इसके साथ ही सीएम विजयन ने डबल स्टैंडर्ड (दोहरी नीति) के आरोपों पर भी अपनी सफाई दी। उन्होंने कहा कि हर मामले में तथ्यों के आधार पर फैसला लिया जाता है। उन्होंने पीके श्यामला और पीपी दिव्या के मामलों को अलग-अलग बताते हुए कहा कि दोनों परिस्थितियां एक जैसी नहीं थीं। इसके साथ ही सीएम विजयन ने भाजपा को लेकर भी बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि भाजपा को आने वाले विधानसभा चुनाव में एक भी सीट नहीं मिलेगी। उन्होंने कहा कि कुछ लोग भाजपा को बढ़ाना चाहते हैं, लेकिन जनता उनके साथ नहीं है।
केरल विधानसभा चुनाव और नतीजे
गौरतलब है कि केरल की 140 विधानसभा सीटों पर 9 अप्रैल को मतदान होगा और 4 मई को नतीजे घोषित किए जाएंगे। राज्य में करीब 2.69 करोड़ मतदाता हैं और सरकार बनाने के लिए 71 सीटों का आंकड़ा जरूरी है। ऐसे में इस बार का चुनाव बेहद अहम माना जा रहा है। चुनाव में मुख्य मुकाबला लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) और यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) के बीच माना जा रहा है, जबकि नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (एनडीए) भी मैदान में है। सीपीआई(एम) ने 86 सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। सीएम पिनराई विजयन कन्नूर जिले की धर्मडम सीट से चुनाव लड़ेंगे। पार्टी को भरोसा है कि इस बार भी वह मजबूत जीत हासिल करेगी।