Latest newsWorld news

‘युद्ध नहीं, सम्मानजनक कूटनीति ही बेहतर रास्ता’; ईरान के राष्ट्रपति पेजेशकियन ने फिर दोहराया अपना रुख

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय समुदाय को स्पष्ट संदेश दिया है कि उनका देश युद्ध के बजाय कूटनीति और संवाद को प्राथमिकता देता है। सोशल मीडिया पर जारी अपने बयान में उन्होंने कहा कि ईरान ने हमेशा अपने सभी दायित्वों का सम्मान किया है और युद्ध से बचने के लिए हर संभव रास्ता अपनाया है। उन्होंने यह भी कहा कि सभी कूटनीतिक विकल्प अभी भी खुले हुए हैं। 

दबाव से झुकाना भ्रम है- ईरान राष्ट्रपति
पेजेशकियन ने अपने संदेश में स्पष्ट किया कि किसी भी देश को बल या दबाव के जरिए झुकाने की कोशिश करना एक भ्रम है। उन्होंने कहा कि इस तरह की नीतियां लंबे समय में स्थायी समाधान नहीं दे सकतीं। उनके अनुसार, आपसी सम्मान के साथ की गई कूटनीति ही अधिक समझदारी भरा, सुरक्षित और स्थायी रास्ता है। 

ईरान को ट्रंप की चेतावनी
रॉयटर्स ने ट्रंप के हवाले से कहा, सब कुछ खत्म हो गया है। उनकी नौसेना खत्म हो गई है। उनकी वायुसेना खत्म हो गई है। लगभग सब कुछ। अब बस एक ही सवाल है, क्या हम जाकर इसे खत्म कर दें? क्या वे किसी दस्तावेज पर दस्तखत करने वाले हैं? चलिए देखते हैं क्या होता है।  व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि वह क्षेत्र में बड़े युद्ध की बजाय सीमित स्तर पर तनाव या हिंसा को बेहतर मानते हैं। उन्होंने कहा, आदर्श रूप से मैं यह देखना चाहूंगा कि बहुत ज्यादा लोगों की बजाय कम लोगों की जान जाए। हम इसे किसी दूसरे तरीके से भी कर सकते हैं, लेकिन मैं कम नुकसान देखना चाहूंगा। ट्रंप ने दावा किया कि ईरान में खराब आर्थिक और सामाजिक परिस्थितियों के कारण लोगों के बीच गुस्सा बढ़ रहा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान के साथ एक सीमित समझौते का मतलब लंबे समय के संघर्षविराम से है, जिसके तहत होर्मुज जलडमरूमध्य को तुरंत खोलना होगा। ट्रंप ने कहा कि हम इसे एक मौका देने जा रहे हैं। मुझे कोई जल्दबाजी नहीं है। उन्होंने मध्यवर्ती चुनावों के राजनीतिक दबाव को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि वे भारी तबाही के बजाय कम से कम जनहानि देखना चाहते हैं। उन्होंने ईरान की मौजूदा आंतरिक स्थिति पर कहा कि वहां की जनता बेहद खराब दौर से गुजर रही है और वहां सरकार के खिलाफ भारी आक्रोश और अशांति का माहौल है। 

 
गौरतलब है कि अमेरिका और इस्राइल ने ईरान पर 28 फरवरी को हमला किया था। जवाब में ईरान ने इस्राइल और अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जोरदार मिसाइल हमले किए। ईरान ने वैश्विक अर्थव्यवस्था की जीवनरेखा माने जाने वाले होर्मुज जलडमरूमध्य को ब्लॉक कर दिया, जिससे दुनिया में गंभीर ऊर्जा संकट पैदा हो गया है। दुनिया का 20 प्रतिशत पेट्रोलियम यहीं से गुजरता है। पाकिस्तान के इस्लामाबाद में दोनों देशों के बीच चल रही शांति वार्ता 12 अप्रैल को पूरी तरह विफल हो गई थी। फिलहाल क्षेत्र में एक बेहद नाजुक युद्धविराम लागू है, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कहा है कि यह युद्धविराम इस समय बेहद नाजुक स्थिति में है। वहीं ईरान ने चेतावनी दी है कि भविष्य में जंग की दोबारा शुरुआत होने पर अमेरिका को इससे भी बड़े और भयानक सरप्राइज देखने को मिलेंगे।

Related Articles

Back to top button