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आपकी जेब और बचत पर भारी पड़ेगा आलस्य, आदत के हिसाब से करें चुनाव

नया बचत खाता खुलवाना अक्सर एक बेहद साधारण काम लगता है। हम में से ज्यादातर लोग नौकरी शुरू करते वक्त एक खाता खुलवा लेते हैं, हर महीने उसमें सैलरी आती है और हम कभी मुड़कर नहीं देखते कि उस खाते के नियम-शर्तें क्या हैं… …लेकिन हकीकत यह है कि आपका यही आलस्य आपकी जेब और बचत पर भारी पड़ता है। 

बैंकिंग आदतों के हिसाब से चुनें खाता
बचत खाता चुनते समय सबसे पहले अपनी मुख्य जरूरतों को पहचानें। सभी बचत खाते एक ही तरह से काम नहीं करते।

    • अगर आपका मुख्य उद्देश्य हर महीने सैलरी आना और रोजाना के बिल पेमेंट, ईएमआई या यूपीआई करना है, तो एक स्टैंडर्ड सैलरी अकाउंट या लो-मिनिमम बैलेंस खाता सबसे मुफीद है।
    • अगर आप खाते में बड़ी रकम जमा रखते हैं, तो उन स्मॉल फाइनेंस या चुनिंदा प्राइवेट बैंकों को देखें जो डेली बैलेंस पर 6 से 7 फीसदी तक का ऊंचा ब्याज दे रहे हैं।
    • यदि आपको बार-बार नकद जमा करने, डिमांड ड्राफ्ट बनवाने या बैंक जाकर काम कराने की जरूरत पड़ती है, तो मजबूत शाखा और एटीएम नेटवर्क वाले बैंक को प्राथमिकता दें।

बैंक अक्सर वह शुल्क नहीं बताते, जो आपके खाते से अचानक कट जाते हैं।

  • सबसे आम और बड़ा शुल्क न्यूनतम बैलेंस मेंटेन न करने का है।
  • फ्री विड्रॉल सीमा के बाद हर ट्रांजैक्शन पर चार्ज लगता है।
  • डेबिट कार्ड की सालाना फीस, एसएमएस अलर्ट चार्ज और फ्री लिमिट के बाद चेकबुक के लिए लगने वाली फीस पर नजर रखें। 

बहुत ज्यादा कैश न रखें
बचत खाता निवेश का साधन नहीं है। यह सिर्फ शॉर्ट-टर्म खर्चों, बिलों, ईएमआई और इमरजेंसी कैश के लिए है। अपने लाखों रुपए 3% वाले सेविंग्स अकाउंट में लावारिस छोड़ देना वित्तीय नुकसान है। प्राइमरी खाते में सिर्फ 1 से 2 महीने का खर्च रखें। बाकी का 3 से 6 महीने का इमरजेंसी फंड किसी हाई-इंटरेस्ट सेविंग्स अकाउंट या लिक्विड म्यूचुअल फंड में डालें, जहां बेहतर रिटर्न भी मिले और 24 घंटे में पैसा वापस भी निकाला जा सके। ज्यादा खातों के बजाय अधिकतम दो खाते रखें, जिसका निश्चित लक्ष्य हो। प्राइमरी अकाउंट में आपकी सैलरी आती हो और जिससे आपके खर्च, ईएमआई और एसआईपी ऑटो-डेबिट होते हों। सेकेंडरी अकाउंट में पैसा आप केवल इमरजेंसी फंड या छोटी अवधि के लक्ष्यों के लिए रखें और जहां ब्याज दर ज्यादा मिले। अगर पति-पत्नी मिलकर घर का खर्च (किराया, राशन, बिजली बिल) चलाते हैं, तो एक ज्वाइंट अकाउंट रखें ताकि पर्सनल सेविंग्स अलग रहे।

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