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फडणवीस के घर आधी रात की सियासी मुलाकात, क्या महाराष्ट्र में बदलने वाला है सत्ता का समीकरण?

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अपने आधिकारिक आवास पर सत्तारूढ़ एनसीपी और विपक्षी एनसीपी (शरद पवार गुट) के नेताओं की देर रात मुलाकात की। इस मुलाकात ने राज्य में राजनीतिक समीकरण बदलने की अटकलों को हवा दे दी है। यह बैठक ऐसे समय हुई है जब कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने दावा किया है कि सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी एसपी और डीएमके से संपर्क साध रही है, ताकि संसद के मानसून सत्र में पेश किए जाने वाले 131वें संविधान संशोधन विधेयक के लिए उनका समर्थन हासिल किया जा सके। 
एनसीपी गुटों के विलय की भी चर्चा तेज
इसके साथ ही राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के दोनों गुटों के संभावित विलय को लेकर भी राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज है। सूत्रों के मुताबिक, एनसीपी एसपी के वरिष्ठ नेता जयंत पाटिल ने मंगलवार देर रात मुंबई स्थित मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास ‘वर्षा’ में देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की। दावा किया गया कि यह मुलाकात सांगली जिले की उनकी उरण-इस्लामपुर विधानसभा सीट से जुड़े एक मुद्दे को लेकर हुई थी। गौरतलब है कि मंगलवार को ही सत्तारूढ़ एनसीपी के नेताओं प्रफुल्ल पटेल तथा सुनील तटकरे ने भी मुख्यमंत्री से भी मुलाकात की थी, लेकिन जयंत पाटिल और प्रफुल पटेल और सुनील तटकरे की मुलाकात एक साथ नहीं हुई। हालांकि, सूत्रों ने इस बारे में विस्तार से जानकारी देने से इनकार कर दिया।
चिदंबरम ने क्या आरोप लगाए?
सरकार मानसून सत्र में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक पेश करने की तैयारी में है। इस विधेयक में लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाकर 850 करने और परिसीमन प्रक्रिया शुरू करने का प्रस्ताव है। संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होने वाला है।कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने मंगलवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में दावा किया, ‘टीएमसी को तोड़ने के बाद बीजेपी कथित तौर पर एनसीपी एसपी और डीएमके को साधने की कोशिश कर रही है, ताकि विफल रहे विधेयक के नए स्वरूप के समर्थन के लिए जरूरी वोट जुटाए जा सकें।’ पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री चिदंबरम ने दोनों क्षेत्रीय दलों से इस विधेयक का समर्थन नहीं करने की अपील की। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा फॉर्मूले के तहत होने वाला परिसीमन उन राज्यों के अधिकारों के साथ गंभीर अन्याय करेगा, जिन्होंने राष्ट्रीय जनसंख्या नीति का पालन किया और जनसंख्या वृद्धि को नियंत्रित किया। कांग्रेस नेता ने कहा, ‘बढ़ती आक्रामकता के बीच बीजेपी से राज्यों के अधिकारों की मजबूती से रक्षा की जानी चाहिए।’

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