सीमा सुरक्षा बल (BSF) की पहली महिला पर्वतारोही टीम ने दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराकर इतिहास रच दिया है। गृह मंत्री अमित शाह ने इस बड़ी उपलब्धि पर टीम को बधाई दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि इन महिलाओं की ऐतिहासिक सफलता साहस, देशभक्ति और अटूट समर्पण का एक अनूठा उदाहरण है।
क्या बोले गृह मंत्री?
गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स लिखा, ‘नारी शक्ति ने बीएसएफ की अदम्य शक्ति का प्रमाण दिया है। माउंट एवरेस्ट पर विजय प्राप्त करके स्वर्णिम इतिहास रचने वाली बीएसएफ की महिला पर्वतारोहण टीम को मेरी हार्दिक बधाई। बीएसएफ अपनी स्थापना का (डायमंड जुबली) 60वां वर्ष वर्ष मना रहा है। उन्होंने इस खास मौके विश्व की सर्वोच्च चोटी पर विजय प्राप्त की और आकाश में वंदे मातरम का गीत गाकर साहस, देशभक्ति और समर्पण का एक दुर्लभ उदाहरण प्रस्तुत किया। टीम के सभी सदस्यों को मेरा सलाम। बीएसएफ की इस टीम ने गुरुवार सुबह 8:00 बजे एवरेस्ट की चोटी पर कदम रखा। इस साहसी दल में लद्दाख की कांस्टेबल कौसर फातिमा, पश्चिम बंगाल की मुनमुन घोष, उत्तराखंड की रबेका सिंह और कारगिल की कांस्टेबल त्सेरिंग चोरोल शामिल थीं। इन महिला प्रहरियों ने ‘मिशन वंदे मातरम’ के तहत यह कामयाबी हासिल की है। बीएसएफ ने बताया कि इतनी ऊंचाई पर जहां ऑक्सीजन की कमी होती है और सीधा खड़ा होना भी मुश्किल होता है, वहां इन महिलाओं ने एक सुर में ‘वंदे मातरम’ गाया। यह पल महिला सशक्तिकरण और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक बन गया है।
ITBP की पहली महिला अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोहण टीम ने फतह किया एवरेस्ट
इसी कड़ी में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) ने भी एक बड़ी सफलता हासिल की है। आईटीबीपी की पहली महिला अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोहण टीम ने माउंट एवरेस्ट फतह करने का अभियान पूरा किया। इस 14 सदस्यीय दल में 11 महिला पर्वतारोही और 3 तकनीकी सहायक सदस्य शामिल थे। टीम ने 21 मई को रात 12:52 बजे नेपाल के रास्ते साउथ कोल रूट से एवरेस्ट की चोटी पर पहुंचकर अपनी जीत दर्ज की। आईटीबीपी के इतिहास में यह एक मील का पत्थर है।