महाराष्ट्र में ऑपरेशन टाइगर को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा है। विपक्ष जहां ऑपरेशन टाइगर के लिए भाजपा और शिंदे गुट को कोस रहा है, वहीं भाजपा और शिंदे गुट इसे सफल बता रहे हैं। कांग्रेस नेता नाना पटोले ने तो इसे लोकतंत्र की हत्या बताया। वहीं कांग्रेस नेता प्रियांक खरगे ने भाजपा की तुलना परजीवी से कर डाली और दावा किया कि भाजपा, क्षेत्रीय पार्टियों को खत्म करना चाहती है।
‘लोकतंत्र की हत्या का समर्थन कर रहे मुख्यमंत्री’
महाराष्ट्र में कथित ऑपरेशन टाइगर को लेकर कांग्रेस नेता नाना पटोले ने कहा, ‘यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि राज्य का मुखिया लोकतंत्र की हत्या का समर्थन कर रहा है। अगर इस धरती पर लोकतंत्र की हत्या हो रही है और मुख्यमंत्री उसका समर्थन कर रहे हैं, तो यह महाराष्ट्र का दुर्भाग्य है।’ नाना पटोले ने महाराष्ट्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार कर्ज माफी को लेकर गंभीर नहीं है। उन्होंने कहा, ‘क्या सरकार कर्ज माफ करेगी? अगर ऐसा करती है तो वह एक झूठा बयान होगा। यह सिर्फ समय बिताने वाली सरकार है। हमने आज विधानसभा में भी यह सवाल उठाया, लेकिन सरकार इस पर चर्चा ही नहीं करना चाहती।’
‘क्षेत्रीय दलों को खत्म करना चाहती है भाजपा’
कर्नाटक सरकार में मंत्री और कांग्रेस नेता प्रियांक खरगे ने महाराष्ट्र के ऑपरेशन टाइगर पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा पर क्षेत्रीय दलों को कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, ‘यह बिल्कुल साफ है कि भाजपा एक ऐसी व्यवस्था बना रही है, जिसमें वह पहले किसी क्षेत्रीय दल से परजीवी की तरह जुड़ती है। आपने शिवसेना में यह होते देखा है, हाल में टीएमसी में देखा है, जेडीयू में देखा है और कर्नाटक में यह जेडीएस के साथ ऐसा हो रहा है। गठबंधन के नाम पर वे अपने सहयोगियों को ही निगल जाते हैं।’ खरगे ने आगे कहा, ‘भाजपा क्षेत्रीय दलों को नहीं चाहती। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ भी क्षेत्रीय दलों के बारे में इसी तरह की बातें करता रहा है। वे ऐसा करने के लिए असंवैधानिक तरीकों का इस्तेमाल करते हैं। सीबीआई, आयकर विभाग, ईडी, ब्लैकमेलिंग और जिन भी एजेंसियों का दुरुपयोग कर सकते हैं, उनका इस्तेमाल क्षेत्रीय दलों को खत्म करने के लिए किया जाता है।’ भाजपा विधायक प्रवीण दारेकर ने दावा किया कि महाराष्ट्र में ऑपरेशन टाइगर सफल रहा है। उन्होंने कहा, ‘ऑपरेशन टाइगर सफल रहा है। उद्धव ठाकरे के छह सांसद आज शिंदे की शिवसेना में शामिल होंगे। इन सांसदों ने एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में विश्वास व्यक्त किया है।’ दरेकर ने इसे एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में बढ़ते समर्थन का संकेत बताते हुए कहा कि आने वाले समय में महाराष्ट्र की राजनीति में इसके और भी प्रभाव देखने को मिल सकते हैं।